Kaimur News: (रंजय जायसवाल) छोटे शहरों और बाजारों में ट्रैफिक जाम आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है. रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, लेकिन प्रशासनिक आदेशों के बावजूद हालात जस के तस बने रहने से सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. कैमूर के रामगढ़ में एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी के आदेश के तीन माह बाद भी दुर्गा चौक की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. सोमवार हो या रविवार, चौक पर बसों और छोटे सवारी वाहनों का जमावड़ा लगातार लगा रहता है, जिससे जाम की समस्या बरकरार है.
कार्रवाई के बावजूद बेअसर निर्देश
तीन जून को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कुछ बसों पर जुर्माना लगाया गया और कुछ चालकों व एजेंटों को हिरासत में भी लिया गया. इसके बावजूद बसें अब भी चौक पर ही खड़ी हो रही हैं. एसडीएम ने उस दिन ईओ और थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया था कि ऐसे चालकों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है.
40 लाख का बस स्टैंड बना शोपीस
जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से बिस्कोमान भवन के पास जुलाई 2024 में करीब 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था. लेकिन दो वर्ष बाद भी यह बस स्टैंड वीरान पड़ा है और बसें अब भी मुख्य सड़क पर ही खड़ी की जा रही हैं.
CCTV निगरानी के बावजूद लापरवाही
नगर पंचायत क्षेत्र में 74 लाख रुपये की लागत से 82 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी नगर पंचायत कार्यालय और थाने में की जाती है. इसके बावजूद दुर्गा चौक पर हो रहे अवैध बस ठहराव पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
दुकानदारों में नाराजगी
स्थानीय छोटे दुकानदारों का कहना है कि जब सड़क किनारे ठेला लगाने वाले गरीबों को हटाया जा सकता है, तो बसों और सवारी वाहनों को उनके निर्धारित स्टैंड पर क्यों नहीं भेजा जा रहा है.
चेतावनी के बावजूद नहीं रुका अवैध ठहराव
नगर पंचायत द्वारा कई बार ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से चेतावनी दी गई और जुर्माना व प्राथमिकी की बात कही गई. इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि एसडीएम के सख्त निर्देशों का पालन थाना और नगर पंचायत प्रशासन कब तक सुनिश्चित करता है, या फिर यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा.
