Kaimur News : अमित कुमार सिन्हा की रिपोर्ट : बिहार का कैमूर जिला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध माना जाता है. यहाँ कई प्रसिद्ध देवी-देवताओं के मंदिर स्थापित हैं, जिनमें सबसे प्रमुख आदि शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी का मंदिर है. भगवानपुर की पवरा पहाड़ी पर स्थित यह अति प्राचीन और सुविख्यात मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है. भीषण गर्मी को देखते हुए अब मंदिर में पूजा और आरती के समय में बदलाव किया गया है.
मंदिर के मुख्य पुजारी उमेश प्रसाद मिश्र के अनुसार, आज 2 जून को सुबह 6.00 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद विशेष साफ-सफाई की गई. इसके बाद सुबह 6.30 बजे घंटे-घड़ियाल की गूंज और महाआरती के साथ माता को भोग लगाया गया व विधि-विधान से आराधना की गई. इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए. मंगलवार होने के कारण मंदिर में स्थापित ऐतिहासिक पंचमुखी शिवलिंग की भी विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई. आपको बता दें कि शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी मंदिर में ”तांडुलम” को मुख्य प्रसाद के रूप में चढ़ाया और वितरित किया जाता है.
ऋतुओं के अनुसार बदलता है आरती का समय
माता मुंडेश्वरी मंदिर धार्मिक न्यास के सचिव गोपाल जी प्रसाद ने बताया कि मौसम और ऋतुओं के अनुसार मंदिर में पूजा व आरती का समय निर्धारित किया जाता है. मुख्य पुजारी ने जानकारी दी कि वर्तमान ग्रीष्म ऋतु में सुबह 6.30 बजे की प्रथम आरती के बाद, दोपहर 11.30 बजे और फिर संध्या 6.30 बजे महाआरती होती है. इन तीनों समय पर माता के दर्शन और आरती के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है.
नवरात्र में उमड़ता है लाखों का जनसैलाब:
इस ऐतिहासिक मंदिर की महिमा इतनी निराली है कि हर साल शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान यहाँ लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर माता मुंडेश्वरी के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं.
