Kaimur Accident News : (बिरजू प्रसाद) कैमूर जिले के चांद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां इलाज के लिए लाई गई 12 वर्षीय बच्ची सुनीता कुमारी की अचानक मौत हो गई. इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया. मृत बच्ची के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया. मृतका चांद गांव की रहने वाली थी और उसे परिजन तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लेकर पहुंचे थे. परिजनों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी बच्ची की जान चली गई.
परिजनों का आरोप, तीन घंटे तक नहीं मिला इलाज
सुनीता कुमारी के माता-पिता सुशीला देवी और धर्मेंद्र पासवान समेत अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लाने के बाद भी तीन घंटे तक किसी डॉक्टर या स्टाफ ने मरीज की सुध नहीं ली. उनका कहना है कि ओपीडी में मौजूद डॉक्टर ने न तो सही तरीके से जांच की और न ही कोई उपचार शुरू किया. परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते इलाज मिलता तो शायद उनकी बच्ची की जान बचाई जा सकती थी. इस दौरान परिजन अस्पताल की महिला डॉक्टर पर विशेष रूप से लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताते रहे.
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष, पहले से गंभीर थी हालत
वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. ओपीडी की डॉक्टर इंदु प्रियदर्शिनी ने बताया कि मरीज के पिता पहले पुराने इलाज के कागजात लेकर आए थे, जिसके बाद बच्ची की जांच की गई. डॉक्टर के अनुसार जांच में सामने आया कि बच्ची के दोनों फेफड़े बुरी तरह प्रभावित थे और उसे गंभीर सांस लेने में दिक्कत थी. उन्होंने बताया कि बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक थी और उसे तत्काल उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर कर दिया गया था.
गंभीर मेडिकल स्थिति, ऑक्सीजन लेवल भी बेहद कम
प्रभारी चिकित्सक डॉ संजय कुमार ने बताया कि बच्ची का ऑनलाइन पंजीकरण दोपहर 12:27 बजे हुआ था. जांच के दौरान उसके फेफड़ों में बाइलैटरल टीबी के लक्षण पाए गए. साथ ही उसे गंभीर सांस लेने की समस्या थी. उन्होंने बताया कि बच्ची का ऑक्सीजन लेवल महज 40 था, जो ऑक्सीजन देने के बाद भी केवल 60 तक ही पहुंच पा रहा था. ऐसे में उसकी हालत बेहद गंभीर थी और उसे तुरंत हायर सेंटर रेफर किया गया था.
मौके पर पहुंची पुलिस, स्थिति को कराया शांत
घटना के बाद अस्पताल में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रभारी चिकित्सक ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही एसआई सुकन्या कुमारी और एसआई रोहित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया. इस दौरान बसपा नेता अरुण कुमार भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने में सहयोग किया. काफी समझाने के बाद परिजन बच्ची के शव को अपने घर ले गए, जहां अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गई.
फिलहाल इस घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक तरफ परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन बच्ची की गंभीर बीमारी का हवाला दे रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. आने वाले समय में जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस दर्दनाक घटना के पीछे असल कारण क्या था.
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