Kaimur: मैं अभी जिंदा है, मुझे मत मारो सरकार… तख्ती लेकर पहुंचे ग्रामीण, जानें मामला

Kaimur: मंगलवार को बडी संख्या में लोग जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे. उक्त कार्यालय पर पहुंचे कई गांव के ग्रामीणों का नाम पैक्स के मतदाता सूची से मृत बता कर काट दिया गया था या फिर मृत बता कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने का आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया था.

Kaimur: सरकार मैं जिंदा हूं, मुझे मत मारो… इस तरह की तख्तियां लेकर मंगलवार को बडी संख्या में लोग जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे. उक्त कार्यालय पर पहुंचे कई गांव के ग्रामीणों का नाम पैक्स के मतदाता सूची से मृत बता कर काट दिया गया था या फिर मृत बता कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने का आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया था. सहकारिता कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों द्वारा सहकारिता पदाधिकारी पर गलत तरीके से मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आरोप लगा कुडारी पंचायत के लोगों ने जमकर हंगामा किया. ग्रामीणों ने कुडारी पंचायत के मतदाता सूची की जांच कराने व उसमें सुधार कराये जाने के बाद ही पैक्स चुनाव कराये जाने की मांग की है. जबकि यही स्थिति जिले की कई पंचायतों की है.

गौरतलब है कि जिले में पैक्स चुनाव को लेकर नाबालिग लड़के लड़कियों को भी पैक्स मतदाता बनाये जाने को लेकर रामपुर प्रखंड की कुडारी पंचायत के लोगों ने डीसीओ शशिकांत शशि को आवेदन देकर बताया है कि कुडारी पैक्स के मतदाता सूची में पैक्स अध्यक्ष द्वारा गलत तरीके से नाबालिग लड़के लड़कियों का भी नाम जोड़ा गया है, वही उक्त मतदाता सूची में समिति पदधारकों द्वारा कुल 700 व्यक्तियों का नाम ऑफलाइन जोड़ा गया है, जिसके लिए प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया है, जो गलत है.

वोट बैंक बनाने के लिए…

विभाग के संबंधित पदाधिकारी द्वारा बिना जांच पड़ताल के समिति से बिना किसी साक्ष्य को प्राप्त किये हुए सारे नियमों को ताक पर रखते हुए नाम जोडने के लिए सहमति दिया गया है. साथ ही इस धांधली के जरिए आगामी पैक्स चुनाव जितने के लिए वर्तमान पैक्स अध्यक्ष द्वारा दूसरे पंचायत के लोगों का भी नाम जोड़ा गया है. कुडारी पंचायत के सुशीला देवी, यासीम अंसारी को मृत घोषित कर मतदाता सूची से नाम काट दिया गया है. ग्रामीण सुभाष सिंह, श्याम लाल रजक, अजय कुमार सिंह, लक्ष्मी प्रजापति, सत्येंद्र राम बैठा आदि सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने बताया कि कुडारी पंचायत में पैक्स अध्यक्ष द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए दिये गये आवेदन में किसी को मृत तो किसी का हस्ताक्षर नहीं मिलने को लेकर आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया. पंचायत से बाहर से भी लोगों का नाम जोड़ा गया. साथ ही अपनी कुर्सी को बरकरार रखने के लिए वोट बैंक बनाने के लिए नाबालिग लड़के लड़कियों का भी नाम जोड़ दिया गया.

पैक्स अध्यक्षों की मिलीभगत से बन गया है रैकेट

सहकारिता विभाग के कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों द्वारा विभाग के कर्मचारियों में अधिकारियों पर टैक्स अध्यक्षों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए यह कहा गया कि अगर उक्त मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों व कर्मियों से शिकायत की जाती है तो उनके द्वारा डांट फटकार कर उन्हें भगा दिया जाता है. उनकी कोई फरियाद सुनने वाला नहीं है. सहकारिता विभाग में पैक्स अध्यक्ष व विभागीय अधिकारियों के साथ घाट से एक रैकेट बना हुआ है, जो जिंदा व्यक्ति को मृत बता नाम काटे जाने, बाहरी व्यक्ति का नाम जोड़े जाने, नाबालिग का मतदाता सूची में नाम जोड़ने जैसे काम कर रहे है और वैसे लोगों पर कोई कार्रवाई भी नहीं की जा रही है.

कहते बोले जिला सहकारिता पदाधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी शशिकांत शशि ने बताया किसी का गलत तरीके से मृत बता नाम काट दिया गया है और मतदाता सूची में अगर गलत नाम जुड़ा है, तो 22 अक्तूबर तक समय है, जिसको दावा आपत्ति करके सुधरा जा सकता है. लोग अपना आपत्ति दर्ज करायें, 25 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किया जायेगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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