कैमूर में दुर्गावती नदी का जलस्तर घटा, बाढ़ से घिरे लोगों ने ली राहत की सांस

Kaimur News : मोहनियां में दुर्गावती नदी का जलस्तर घटने से लोगों को राहत मिली है. एसडीआरएफ की टीम ने स्थिति का जायजा लिया, हालांकि किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है.

Kaimur News : दुर्गावती नदी का जलस्तर गुरुवार की रात से धीरे-धीरे घटने लगा. इससे बाढ़ के पानी से घिरे लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि, पिछले 24 घंटे तक नदी के उफान पर रहने के कारण सैकड़ों घर पानी से घिरे रहे और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

जलस्तर बढ़ने से घरों में घुसा था पानी

दुर्गावती जलाशय से छोड़े गये पानी और लगातार हुई बारिश के कारण नदी उफान पर आ गयी थी. इसके चलते मोहनियां शहर के पटना मोड़ और इस्लामगंज मोहल्ले में पानी भर गया था. सैकड़ों घर पानी से घिर गये थे और लोगों को करीब 24 घंटे से अधिक समय तक परेशानी झेलनी पड़ी.

जरूरी सामान खरीदने के लिए भी नहीं निकल सके लोग

पानी से घिरे कई लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके. इसके कारण वे जरूरत का सामान तक खरीदने नहीं जा पाये. अचानक जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. लोगों को लगातार पानी कम होने का इंतजार रहा.

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एसडीआरएफ की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम गुरुवार की शाम प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गयी थी. हालांकि, रात हो जाने के कारण टीम पानी भरे इलाकों में अभियान शुरू नहीं कर सकी. इसके बाद शुक्रवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम प्रभावित क्षेत्रों में उतरी और स्थिति का जायजा लिया.

डीएम ने भी प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण

बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए कैमूर के जिलाधिकारी भी पानी से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे. उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया और स्थिति की जानकारी ली.

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खेतों से पानी उतरने लगा, किसानों की बढ़ी चिंता

दुर्गावती नदी का पानी घटने के साथ ही पानी में डूबी धान की फसलों से भी धीरे-धीरे पानी उतरने लगा है. इससे किसानों को कुछ राहत मिली है, लेकिन फसल को लेकर उनकी चिंता बढ़ गयी है. नदी के पानी के साथ आयी मिट्टी और गाद की परत धान के पौधों और पत्तियों पर जम गयी है.

गाद की परत से फसल को नुकसान की आशंका

किसानों को आशंका है कि यदि समय रहते धान की फसल सामान्य स्थिति में नहीं आयी, तो उसे भारी नुकसान हो सकता है. जलस्तर घटने से शहरवासियों को राहत मिली है, लेकिन खेतों में जमा गाद और धान की फसल को संभावित नुकसान को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है.

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By विकास कुमार

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