भगवानपुर सीएचसी में डीएमन ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एमडीए फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने दीप जला कर उद्घाटन किया.

अभियान को सफल बनाने के लिए सभी पात्र लाभार्थियों को खिलाएं फाइलेरियारोधी दवा 10 से 27 फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 13 लाख से अधिक लाभार्थियों को खिलायी जायेगी दवा भगवानपुर. मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एमडीए फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने दीप जला कर उद्घाटन किया. इस दौरान जिलाधिकारी ने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की छात्राओं को डीइसी व अल्बेंडाजोल की दवाएं खिलायीं. उद्घाटन के मौके पर डीएम ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी पात्र लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा की नियमित खुराक खिलायी जाये तथा सभी संबंधित प्रखंड क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर फाइलेरिया बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाये. उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता के बिना फाइलेरिया उन्मूलन संभव नहीं है. यह कार्यक्रम फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन हेतु जिले में 10 से 27 फरवरी तक चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिले के 13,01,508 लाभार्थियों को डीइसी व अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जायेगी. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 70 सुपरवाइजर व 724 दल कार्य कर रहे हैं. अभियान के तहत दो वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को एमडीए राउंड के अंतर्गत दवा खिलायी जायेगी. यह कार्यक्रम जिले के नौ प्रखंडों में चलाया जा रहा है. सभी प्रखंडों व पंचायतों में आशा कार्यकर्ता, सेविकाएं व जीविका दीदियों द्वारा घर-घर भ्रमण कर आमजनों को फाइलेरिया से बचाव, दवा सेवन के महत्व व अभियान की विस्तृत जानकारी दी जा रही है. इस संबंध में उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल सिविल सर्जन ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलायी जा सके. उप विकास आयुक्त ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभायेगा व निर्धारित दवाओं का सेवन करेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया से बचाव हेतु अभियान के तहत दी जाने वाली दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. साथ ही सभी जिलावासियों से अपील की गयी कि वे स्वास्थ्य कर्मियों के समक्ष दवा का सेवन करें व जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें. उद्घाटन के मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ आरके चौधरी, डॉ सत्य स्वरूप, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिकेश जायसवाल, जिला लेखा प्रबंधक प्रभात कुमार, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक पीयूष उपाध्याय, जिला मूल्यांकन व अनुश्रवण पदाधिकारी मधुसूदन कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार, पिरामल फाउंडेशन प्रतिनिधि, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे.

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Author: VIKASH KUMAR

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