मोहनिया में एनएच-19 सर्विस सड़क निर्माण बना लोगों की मुसीबत

निर्माण की धीमी गति व अव्यवस्थित तरीके ने होने से आमजन परेशान

फोटो :-7एनएच 19 सड़क के सर्विस सड़क का निर्माण के लिए तोड़ा गया सड़क एक साथ सड़क तोड़ने से जाम व दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा निर्माण की धीमी गति व अव्यवस्थित तरीके ने होने से आमजन परेशान मोहनिया शहर. स्थानीय शहर के एनएच-19 सर्विस सड़क उत्तरी किनारा का निर्माण कार्य आम लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गया है. निर्माण कंपनी द्वारा पूरी सड़क को एक साथ तोड़कर नये सिरे से निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन अति व्यस्त मार्ग होने के बावजूद कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है. इसके कारण राहगीरों, वाहन चालकों व स्थानीय निवासियों को रोजाना गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार, मोहनिया थाना से लेकर चांदनी चौक से लगभग 500 मीटर पूर्व तक सर्विस सड़क को पूरी तरह तोड़ दिया गया है. यह मार्ग शहर का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से भभुआ रोड रेलवे स्टेशन, थाना, प्रखंड कार्यालय, नगर पंचायत कार्यालय, अनुमंडलीय अस्पताल व स्टेशन रोड के लिए लोगों का आवागमन होता है. सड़क टूटने के बाद प्रतिदिन लंबा जाम लग रहा है व धूल मिट्टी से लोगों का चलना फिरना मुश्किल हो गया है. कुल मिलाकर एनएच-19 सर्विस सड़क का निर्माण कार्य विकास के लिहाज से जरूरी है, लेकिन निर्माण की धीमी गति व अव्यवस्थित तरीके ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. यदि समय रहते प्रशासन व निर्माण एजेंसी ने ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. सड़क पर बिखरे ईंट पत्थर बन रहे दुर्घटना का कारण निर्माण कंपनी द्वारा सड़क को एक साथ पूरी तरह तोड़ दिये जाने के बाद जगह जगह गड्ढों में ईंट पत्थर बिखरे पड़े हैं. इससे खासकर दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं. स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्र छात्राओं, अस्पताल आने वाले मरीजों व रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. क्या कहते हैं लोग –इस संबंध में कुर्रा गांव निवासी सोनू मिश्रा ने बताया कि पूरी सड़क एक साथ तोड़ देने से हालात बद से बदतर हो गये हैं. रोज जाम लग रहा है, बाइक व साइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं. अगर काम चरणबद्ध तरीके से होता तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती. –मुठानी गांव निवासी सुनील कुमार ने कहा कि इस रास्ते से अस्पताल व रेलवे स्टेशन जाना सबसे ज्यादा मुश्किल हो गया है. लेकिन न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गयी है.

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Author: VIKASH KUMAR

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