Kaimur News : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महामारी एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर ग्रामीण चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों को रोगों की पहचान, निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग के साथ महामारी की स्थिति से निपटने के उपायों की जानकारी दी गयी.
टीकाकरण से रोके जा सकने वाले रोगों की पहचान पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान वीपीडी यानी वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीजेज तथा आईडीएसपी यानी इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम के बारे में विस्तार से बताया गया. प्रशिक्षक राजू कुमार ने कहा कि टीकाकरण से रोके जा सकने वाले रोगों की समय पर पहचान और लगातार निगरानी बेहद जरूरी है. स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी समझायी गयी.
महामारी की आशंका पर तत्काल सूचना देने का निर्देश
प्रशिक्षण में बताया गया कि किसी क्षेत्र में संक्रामक रोगों के मामलों में अचानक वृद्धि या महामारी की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका होने पर स्वास्थ्य विभाग को समय रहते सूचना देना जरूरी है. इसके लिए सूचना संकलन, रिपोर्ट तैयार करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे उपलब्ध कराने की जानकारी दी गयी.
निगरानी और रिपोर्टिंग को बनाया जायेगा प्रभावी
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रामक रोगों के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गयी. रोगों की पहचान के बाद आवश्यक कार्रवाई, नियमित निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि समय रहते बीमारी की पहचान होने से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है.
स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रीति कुमारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अजय कुमार मौजूद रहे. प्रशिक्षक राजू कुमार ने प्रतिभागियों को महामारी एवं संक्रामक रोगों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों के सहयोग और सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया.
