फोटो16.शहर में खुले में बिक रहा चिकन पटना सहित कई जिलों में पुष्टि के बाद सतर्क हुआ पशुपालन व स्वास्थ्य विभाग पक्षियों की अचानक मौत पर तुरंत दें सूचना, चिकन-अंडा अच्छी तरह पका कर खाने की अपील =पशुपालन पदाधिकारी ने कहा अभी तक नही मिला है जिले में एक भी केस भभुआ सदर. राजधानी पटना सहित आधा दर्जन जिलों में बर्ड फ्लू के मामले की पुष्टि होने के बाद बिहार के अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि फिलहाल कैमूर जिले में ऐसे किसी मामले की सूचना नहीं है. इसके बावजूद जिला पशुपालन व स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं. निर्देश के तहत सभी जिलों में आरआरटी यानी रैपिड रिस्पांस टीम का गठन करने को कहा गया है, ताकि कोई मामला सामने आने पर त्वरित सुरक्षात्मक उपाय किये जा सकें. जिला पशुपालन विभाग के एटीओ डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में अब तक कहीं भी बर्ड फ्लू के मामले नहीं मिले हैं, लेकिन विभागीय निर्देश के अनुसार पूरी एहतियात बरती जा रही है. सभी पॉल्ट्री व्यापारियों व किसानों को जैव सुरक्षा विधि अपनाने के निर्देश दिये गये हैं. जैव सुरक्षा का अर्थ है कि जो व्यक्ति एक बर्ड फार्म में जाए, वह दूसरे फार्म में न जाए व संक्रमण को लेकर पूरी सावधानी बरते. भभुआ शहर के थोक विक्रेता बाबा पॉल्ट्री के नंदू सिंह ने बताया कि जिले में अभी बर्ड फ्लू की कोई सूचना नहीं है. उनके फार्म में सभी चिकन स्वस्थ हैं व किसी प्रकार की बीमारी नहीं उभरी है.पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी को सचेत रहने को कहा है. प्रखंडवार निगरानी बढ़ाने व विशेष सतर्कता के निर्देश दिये गये हैं. लोगों से अंडा व चिकन अच्छी तरह पका कर खाने की अपील की जा रही है. विभाग का कहना है कि सही तरीके से पका कर खाने पर खतरे से बचा जा सकता है. अन्य जिलों में कौवों व मुर्गियों में ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, लेकिन मुर्गा या अंडा में अब तक कहीं पुष्टि नहीं हुई है. एटीओ डॉ प्रमोद ने जिलेवासियों से अपील की है कि क्षेत्र में अचानक पक्षियों की मृत्यु होने पर इसकी सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को दें. स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी अस्पतालों व पीएचसी को निर्देश दिया है कि बर्ड फ्लू के संदिग्ध मरीज की जानकारी तुरंत मुख्यालय को उपलब्ध करायी जाये. = एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस ही होता है बर्ड फ्लू मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंदेश्वरी रजक ने बताया कि एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस को ही बर्ड फ्लू कहा जाता है. यह संक्रमण पक्षियों व इंसानों दोनों को प्रभावित करता है व गंभीर स्थिति में मृत्यु भी हो सकती है. यह बीमारी संक्रमित मुर्गियों या अन्य पक्षियों के निकट संपर्क में आने से फैलती है. जिंदा या मरे पक्षियों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क से यह वायरस आंख, मुंह व नाक के जरिए इंसानों में प्रवेश करता है. संक्रमित पक्षियों की सफाई या उन्हें नोचने से भी संक्रमण फैल सकता है. = सावधानी से ही बचाव संभव सीएस ने बताया कि इस वायरस से बचाव के लिए मरे हुए पक्षियों से दूर रहें व आसपास किसी पक्षी की मौत होने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें. बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र में नॉनवेज खाने से बचें व खरीदारी करते समय साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें. यदि किसी व्यक्ति को पक्षियों की मृत्यु वाले क्षेत्र में सर्दी, खांसी या बुखार की शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. गर्भवती महिलाओं व बच्चों को पक्षियों के संपर्क से दूर रखें. खाना बनाते समय हाथों, बर्तनों व सतहों को गर्म पानी व साबुन से अच्छी तरह साफ करें. पालतू या गैर पालतू पक्षियों में अचानक मृत्यु की जानकारी मिलने पर निकट के पशु चिकित्सा पदाधिकारी को अवश्य सूचित करें. =बर्ड फ्लू वायरस के लक्षण -इंसान को बुखार आना -हमेशा कफ निकलना,नाक बहना -सिर में दर्द होना, गले में सूजन -मांसपेशियों में दर्द, दस्त होना -हर वक्त उल्टी सा महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना -सांस लेने में समस्या, सांस ना आना =निमोनिया अथवा आंख में कजंक्टिवाइटिस की शिकायत
कैमूर में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट, आरआरटी गठन के निर्देश
राजधानी पटना सहित आधा दर्जन जिलों में बर्ड फ्लू के मामले की पुष्टि होने के बाद बिहार के अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है.
