भगवानपुर से पंकज सिंह की रिपोर्ट :
Bharat Tiwari Encounter : भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले को लेकर मंगलवार की शाम भगवानपुर बाजार की सड़क पर सैकड़ों लोग उतर गए. इन लोगों के द्वारा सामूहिक रूप से पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला गया.
बजरंग पेट्रोल पंप से थाना चौक तक मार्च
यह आक्रोश मार्च भगवानपुर बाजार के बजरंग पेट्रोल पंप के पास से शुरू हुआ और थाना चौक पर पहुंचकर संपन्न हुआ. इस दौरान कैंडल मार्च निकालकर दो मिनट का मौन रखते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई. वहीं, लोगों ने ‘भरत भूषण के हत्यारे को फांसी दो’ जैसे कई नारे भी लगाए.
एनकाउंटर को फर्जी बता हत्या का आरोप
आक्रोश मार्च में शामिल भगवानपुर पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष, सरैयां पंचायत के मुखिया उमेश दुबे उर्फ मंटू दुबे, कसेर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह व टोड़ी पंचायत के बीडीसी प्रतिनिधि मोतीलाल राम ने भरत भूषण तिवारी के चर्चित एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए इसे हत्या बताया. थाना चौक पर हाथों में मोमबत्ती लिए जनप्रतिनिधियों ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी सामाजिक न्याय के लिए लड़ते थे.
वायरल वीडियो का दिया गया हवाला
वक्ताओं ने कहा कि भरत भूषण ने पुलिस के समक्ष हथियार के साथ खुद सरेंडर कर दिया था. इसका जीता-जागता सबूत उनके द्वारा बनाया गया वह आखिरी वीडियो है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. आक्रोश मार्च के जरिए सड़क पर उतरे जनप्रतिनिधियों और आमजनों ने इस घटना को हत्या बताते हुए दोषी पुलिसवालों को फांसी दिलाने की मांग की.
शहीद का दर्जा और नौकरी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने भरत भूषण तिवारी को शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है. लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती है, तो वे सड़क से लेकर उच्च स्तर तक उग्र आंदोलन करेंगे.
आक्रोश मार्च में ये लोग रहे शामिल
इस आक्रोश मार्च में सिंगल सिंह, अमन मिश्रा, गौरी पांडेय, अरविंद उपाध्याय, चंदन चौबे, रासबिहारी सिंह उर्फ बबलू सिंह, सुंदरम शुक्ला, चंदन शर्मा, विवेक पांडेय, सुनील शर्मा, अक्षय शर्मा, अमित सिंह बड़कू, राजेश दुबे उर्फ मटरु, छोटकू सिंह, शिवम चौबे और छोटन सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.
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