नुआंव. कुढ़नी थाना अंतर्गत गुड़िया गांव के रमकरपुर मौजा के बधार में सोमवार की देर रात खलिहान में लाग लगने से धान के लगभग एक हजार बोझा जल कर राख हो गया. कृष्णा साह के आठ बीघा खेतों के धान की फसल को दो दिनों पहले खेतों से कटाई कर खलिहान में रखे गये थे. विगत रात आठ बजे तक कृष्णा साह अपने खलिहान में धान की रखवाली के लिए मौजूद थे. मंगलवार की अहले सुबह चार बजे रमकरपुर स्थित मंदिर पर रहने वाले कठौड़ा गांव के पुजारी ने मोबाइल पर धान जलने की सूचना कृष्णा साह को दी. सूचना पर ग्रामीणों के साथ कृष्णा आग बुझाने के लिए घटना स्थल पर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी. धान के एक हजार बोझे आग से राख हो चुके थे. पीड़ित किसान ने बताया कि मेरी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं, ईश्वर जानें अन्न के भंडार को किसकी नजर लगी.
रात में घर जाते वक्त भेड़ चराने वाले कुछ गड़ेरी खलिहान से सटे खेतों में अपना पड़ाव डाले हुए थे. इधर, घटना की जानकारी मिलते ही कुढ़नी थाने की पुलिस सहित प्रमुख के पति संजय पासवान ने स्थल पर पहुंच सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता राशि दिलवाने की बात कहीं. गौरतलब है कि प्रखंड में ठंड के इस मौसम में भी किसानों के खलिहान में एक माह के भीतर चार जगहों पर अगलगी की घटनाएं हो चुकी हैं. लोगों में यह चर्चा का विषय है कि इसके पीछे किसी शरारती तत्वों का हाथ तो नहीं? मौके पर इंदू पासवान, विकास कुमार सिंह, लक्ष्मण सिंह, बबुआन चौधरी सहित कई लोग मौजूद थे.
