Kaimur News : अपनी मांगों को लेकर 102 एंबुलेंस चालक व इएनटी गये अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

अपनी छह सूत्री मांगों के समर्थन में सदर अस्पताल सहित जिले के स्वास्थ्य संस्थानों पर संचालित 102 एंबुलेंस के चालक व इएनटी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये

भभुआ सदर. अपनी छह सूत्री मांगों के समर्थन में सदर अस्पताल सहित जिले के स्वास्थ्य संस्थानों पर संचालित 102 एंबुलेंस के चालक व इएनटी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. इधर, कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने और एंबुलेंस का पहिया थम जाने से गर्भवती व रेफर किये जाने वाले मरीजों व उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे कई मरीजों को मनमाने दाम पर निजी एंबुलेंस का भी सहारा लेना पड़ा. शनिवार से हड़ताल पर गये एंबुलेंस कर्मियों ने श्रम अधिनियम के तहत वेतन भुगतान सहित अन्य मांगों को लेकर सदर अस्पताल स्थित एंबुलेंस शेड में धरना दिया और नारेबाजी की. अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये 102 एंबुलेंस कर्मियों कहना था कि जब से जेन प्लस कंपनी को एंबुलेंस चलाने की जिम्मेदारी मिली है तब से सभी एंबुलेंस कर्मी काफी परेशान हैं. एजेंसी के द्वारा बेवजह उनका पैसा काट लिया जा रहा है और कटौती किये गये पैसे का भुगतान नहीं हो पा रहा है. उनका कहना था कि जो एंबुलेंस मरम्मत के अभाव में ऑफ रोड यानी खड़े हो जा रहे है उस पर कार्य कर रहे एंबुलेंस कर्मियों का पेमेंट भी उतने दिन का काट लिया जा रहा है, जिसके चलते एंबुलेंस कर्मी काफी परेशान हैं. रामगढ़ के रेफरल अस्पताल के एंबुलेंस कर्मी फैजूल अंसारी ने बताया कि विगत डेढ़ माह से उसके द्वारा संचालित एंबुलेंस मरम्मत के अभाव में गैरेज में खड़ा है, जिसके चलते पिछले डेढ़ महीने से एजेंसी उसका वेतन नहीं दे रही है. वेतन नहीं मिलने से उसके बच्चों का स्कूल फीस, दूधवाले व सब्जी वाले का पैसा, राशन दुकान का बकाया है. इधर, डेढ़ महीने से एंबुलेंस के खड़े हो जाने और वेतन नहीं मिलने से उसकी भी मानसिक हालत खराब हो गयी है. एंबुलेंस कर्मियों का कहना था कि एक तो कम वेतन पर हम काम करते हैं दूसरे समय से भुगतान नहीं होना और वेतन की कटौती हो जाने से हमारी आर्थिक स्थिति काफी नाजुक होती जा रही है. उधर, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव ऋषि मुनि राम ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है उनका हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों के श्रम अधिनियम के तहत वेतन का भुगतान कराया जाये, मरम्मत के अभाव में यदि कोई गाड़ी ऑफ रोड यानी खड़ी है तो वेतन में कोई कटौती न किया जाये. इसके अलावा नवंबर से अब तक कटौती किये गये सभी प्रकार की राशि का भुगतान अविलंब किया जाये. इपीएफ व इएसआइसी का भुगतान संबंधित खाते में अविलंब जमा कराया जाये. नियुक्ति पत्र, आइकार्ड व ऑफर लेटर यथाशीघ्र निर्गत किया जाये और पूर्व में कार्यरत पीडीपीएल कंपनी में 14 कर्मचारियों के अक्तूबर 2024 के बकाया वेतन का भी भुगतान शीघ्र किया जाये. संघ के जिलाध्यक्ष गणेश कुमार पांडे ने कहा कि हमारी सभी मांगे जायज है और एंबुलेंस कर्मियों के हित में है. एजेंसी द्वारा इसे शीघ्र पूरा किया जाये, अगर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो हड़ताल के माध्यम से पूरे प्रदेश तक यह लड़ाई लड़ी जायेगी तो अपनी मांगों को लेकर हम लोग आंदोलन करेंगे. साथ ही हड़ताल पर गये एंबुलेंस चालकों का कहना है कि कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार यदि एंबुलेंस मरम्मत के अभाव में खड़ा है तो उसकी जिम्मेदारी कंपनी की है ना कि एंबुलेंस कर्मी की. कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार एंबुलेंस खड़ा रहने के बाद भी चालक और उसपर कार्यरत कर्मी को वेतन देना है. क्या कहते हैं प्रमंडलीय प्रभारी वहीं, एंबुलेंस एजेंसी जेन प्लस के प्रमंडलीय प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों की मांग जायज नहीं है, उन्हें कंपनी द्वारा काफी सुविधाएं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मरम्मत के अभाव में जब गाड़ी खड़ी हो जाती है तो कंपनी एंबुलेंस कर्मी को वेतन बैठाकर कैसे देगी.

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Published by: Prabhanjay kumar

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