अंडरपास का निर्माण नहीं होने से जारी है अवैध रेलवे क्राॅसिंग से आवागमन
पटना-गया रेलखंड के चमनबिगहा गांव के समीप 6 करोड़ 34 लाख की लागत से बनने वाला अंडरपास का निर्माण होना था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ी है. ऐसे में अवैध रेलवे क्रासिंग से आवागमन जारी है.
जहानाबाद नगर. पटना-गया रेलखंड के चमनबिगहा गांव के समीप 6 करोड़ 34 लाख की लागत से बनने वाला अंडरपास का निर्माण होना था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ी है. ऐसे में अवैध रेलवे क्रासिंग से आवागमन जारी है. अंडरपास का निर्माण इस उद्देश्य से कराया जाना था ताकि अवैध रेलवे क्रासिंग से आवागमन बंद हो जाये और लोग अंडरपास के रास्ते ही आवागमन कर सकें. इससे अवैध क्रासिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सके. एक वर्ष पूर्व पीएम द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अंडरपास निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सका है. पीजी रेलखंड पर 8 स्थानों पर अंडरपास का निर्माण कराया जाना था जिसमें जटडुमरी के पास अंडरपास का निर्माण कार्य तो पूरा करा लिया गया है लेकिन अन्य कहीं भी अंडरपास का निर्माण कार्य अब तक गति नहीं पकड़ा है. बीते वर्ष 26 फरवरी को चमनबिगहा गांव के समीप अंडरपास निर्माण का शिलान्यास वीसी के माध्यम से पीएम द्वारा किया गया था. इस दौरान यह बताया गया था कि शीघ्र ही अंडरपास का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा ताकि पीजी रेलखंड पर कई स्थानों पर बने अवैध रेलवे क्रासिंग को बंद कराया जा सके. रेलवे का उद्देश्य भी यही था कि अंडरपास के माध्यम से वाहनों का परिचालन तथा आमजनों का आवागमन हो जिससे कि अवैध रेलवे क्रासिंग पर आये दिन होने वाली घटनाओं से निजात मिल सके. हालांकि शिलान्यास का करीब एक वर्ष बीतने को आया लेकिन अब तक कोई कार्य नहीं हो पाया है. जिस स्थान पर अंडरपास का निर्माण कराया जाना था, वहां आज भी पूर्व की तरह ही सीमेंट का पोल गाड़ कर अवैध रेलवे क्रासिंग को बंद कराया गया है जिससे कि आवागमन नहीं हो सके.
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