जहानाबाद नगर
. बिहार शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शिक्षक संगठनों ने शनिवार को डीइओ-डीपीओ के तानाशाही रवैये, अधिकारियों को गुमराह करने और अपनी जायज मांगों को पूरा न करने के विरोध में ऊंटा मोड़ से हॉस्पिटल मोड़ तक मार्च किया और वहां डीइओ-डीपीओ का पुतला दहन किया. सभा में नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा 12 दिसंबर तक दी गयी व्यवस्थाओं को लागू नहीं किया गया. इन मांगों में ससमय वेतन भुगतान, विशिष्ट शिक्षकों का वेतन निर्धारण, प्रधान शिक्षकों का निर्धारित दर वेतन भुगतान, बीएससी से नियुक्त शिक्षकों के आवास एवं महंगाई भत्ते, कालबद्ध प्रोन्नत शिक्षकों की सेवा पुस्तिका अद्यतन, एचआरएमएस पोर्टल पर मूल वेतन सुधार, सेवानिवृत्त एवं मृतक शिक्षकों के सेवांत लाभ, मध्य विद्यालय रसोइयों का 11 माह से बंद मानदेय का भुगतान आदि शामिल थे. नेताओं ने डीइओ-डीपीओ पर भ्रष्टाचार और पिक एंड चूज के आधार पर कार्य करने का आरोप लगाया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 25 दिसंबर तक सभी समस्याओं का निदान नहीं किया गया, तो आंदोलन के अगले चरण में 26 दिसंबर से डीइओ कार्यालय के समीप अनिश्चितकालीन धरना दिया जायेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी. सभा को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के रामाधार शर्मा, रामउदय कुमार, सत्येंद्र कुमार, सूदर्शन प्रसाद, संजय कुमार, संदीप पासवान, दानिश अकबर अली, शंभू कुमार, राम प्रसाद, उमेश कुमार, मीना कुमारी, बृजनंदन कुमार, रामरतन कुमार, मो इरशाद आलम, मुकेश कुमार भारती, संतोष कुमार, अविनाश कुमार, अनिल कुमार, राजू राम और रवि कुमार थे.
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