jehanabad News : हुलासगंज सुल्तानपुर गांव में सार्वजनिक जल निकासी मार्ग पर कथित अतिक्रमण और मिट्टी भर दिए जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण खेतों और रिहायशी इलाकों में पानी जमा होने लगा है. ग्रामीणों का दावा है कि करीब 50 एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है. वहीं, करीब आधा दर्जन घरों में भी पानी प्रवेश कर चुका है.
जलनिकासी मार्ग बंद होने से बढ़ा जलजमाव
ग्रामीणों के अनुसार, सुल्तानपुर गांव से बारिश और खेतों के पानी की निकासी के लिए लंबे समय से सार्वजनिक जल निकासी मार्ग मौजूद है. इसी रास्ते से बारिश के दौरान खेतों और आसपास के इलाकों का अतिरिक्त पानी निकलता था. आरोप है कि हाल के दिनों में सरकारी भूमि पर मिट्टी भर दिए जाने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया है.
50 एकड़ धान की फसल पर संकट
जल निकासी बाधित होने का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है. खेतों में पानी जमा रहने से करीब 50 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित होने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि लगातार बारिश जारी रही तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है. इससे किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा.
आधा दर्जन घरों में घुसा पानी
खेतों के बाद अब जलजमाव का असर गांव के रिहायशी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. ग्रामीणों के अनुसार करीब आधा दर्जन घरों में पानी प्रवेश कर चुका है. लगातार बारिश होने पर सड़क, गलियों और अन्य घरों में भी पानी फैलने की आशंका बनी हुई है.
सीओ और थानाध्यक्ष को दिया आवेदन
मामले को लेकर ग्रामीणों ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थल का निरीक्षण कर सार्वजनिक जल निकासी मार्ग की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल की जाए.
जल निकासी मार्ग को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी का यह रास्ता पूरे गांव के लिए महत्वपूर्ण है. रास्ता अवरुद्ध होने से किसानों की फसल प्रभावित हो रही है और ग्रामीण परिवारों के घरों में जलजमाव का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर पानी के बहाव को सुचारू कराने की मांग की है.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के बीच समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं. लोगों को उम्मीद है कि अधिकारी मामले की जांच कर जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे.
