Jejanabad News : सर्द रात में गरीब व बेसहाराें का सहारा बन रहा आश्रय स्थल

जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है.

जहानाबाद नगर. जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया. बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर परिषद की ओर से बेघर और बेसहारा लोगों के लिए राहत की व्यवस्था की गयी है, ताकि उन्हें सड़क किनारे या खुले आसमान के नीचे रात न गुजारनी पड़े. नगर परिषद द्वारा शहर के गरीब और आश्रयविहीन लोगों के लिए रैन बसेरा की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. बस स्टैंड परिसर में संचालित नगर परिषद के आश्रय स्थल में कुल 50 बेड लगाये गये हैं. यहां ठहरने वाले लोगों के लिए पीने के लिए आरओ का शुद्ध पानी उपलब्ध है. साथ ही मनोरंजन और समय बिताने के लिए एक एलसीडी टीवी भी लगाया गया है. रैन बसेरे में सभी 50 बेडों के लिए कंबल और मच्छरदानी की व्यवस्था की गयी है. बेड पर साफ चादरें बिछायी गयी हैं और जरूरतमंदों के रहने के साथ-साथ भोजन की भी व्यवस्था की जा रही है. आश्रय स्थल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और बेडशीट व अन्य सामान की नियमित सफाई की जाती है. जैसे-जैसे ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे रैन बसेरे में रहने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. बस स्टैंड में संचालित यह रैन बसेरा ठंड के मौसम में बेसहारा लोगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आया है.

भोजन की नहीं है व्यवस्था :

रैन बसेरा में न्यूनतम दर पर लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. बेसहारा और गरीब लोगों के लिए रहने की सुविधा उपलब्ध है. यहां पर हर रोज 10-15 लोग आकर ठहर रहे हैं. नप पदाधिकारी भी यहां पर आकर व्यवस्था का निरीक्षण करते हैं. हालांकि रात में ठहरने वाले लोगों को भोजन की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण लोगों को बाहर खाना पड़ता है. पहले यहां जीविका के माध्यम से 50 रुपये में भरपेट भोजन मिलता था लेकिन अब यह व्यवस्था बंद हो गया है ऐसे में भोजन के लिए रैन बसेरे में रहने वाले लोगों को बाहर जाना पड़ता है.

रसोईया रखने की उठ रही है मांग :

रात्रि में ठहरने वाले लोगों के लिए आश्रय स्थल मैं भोजन की व्यवस्था नहीं है. पहले जीविका के माध्यम से उन्हें 50 रुपये में भोजन मिलता था, लेकिन अब यह सुविधा भी बंद है. कर्मियों ने विभाग से रसोईया रखने की मांग की है. इस संबंध में रैन बसेरा प्रबंधक विभा देवी ने बताया कि रैन बसेरे में गरीब और बेसहारा लोगों के लिए रहने की व्यवस्था है. बेड लगे हैं, सभी बेडों पर कंबल की व्यवस्था है. पानी पीने के लिए आरओ है. मनोरंजन के लिए पर एलसीडी भी लगाया गया है.

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By Shah abid hussain

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