जहानाबाद. जिले में पिछले पखवाड़े से जारी भीषण ठंड और कुहासे के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. आम लोग जहां दिन-रात ठंड से परेशान हैं, वहीं किसानों की रबी फसलों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. मौसम ने इस सप्ताह अधिकतम और न्यूनतम तापमान के नये रिकॉर्ड बनाये. जिले का न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेंटीग्रेड तक गिर गया, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया. 29 और 30 दिसंबर को यह मौसम सबसे ठंडा साबित हुआ. पिछले दो दिनों से दिन में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन न्यूनतम तापमान अब भी 8 डिग्री के आसपास है. सुबह और शाम भारी कुहासे के कारण जिले की सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है. हाइवे पर गाड़ियां हेडलाइट जलाकर चल रही हैं, कभी विजिबिलिटी 10 मीटर तक रह जाती है. इसी कारण दलहन, तिलहन, गेहूं, आलू और मक्का की फसलें प्रभावित हो रही हैं. जिले में दलहन में मुख्य रूप से मसूर, चना और खेसारी की खेती होती है. ठंड और कुहासे के कारण फूल झड़ रहे हैं और पौधों की वृद्धि रुक गयी है. तिलहन की फसल पर पाले का असर पड़ रहा है, आलू में झुलसा रोग फैल रहा है और गेहूं की फसल तापमान कम रहने के कारण प्रभावित हो रही है. मक्का की फसल पीली पड़ रही है, अंकुरण में दिक्कत आ रही है और वृद्धि रुक गयी है. हालांकि पिछले दो दिनों से धूप निकलने से किसानों को थोड़ी उम्मीद है कि दिन के तापमान में वृद्धि से फसलों पर ठंड का असर कम हो सकता है. लेकिन रात और सुबह का तापमान अभी भी काफी कम होने के कारण फसलों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. वहीं आने वाले अगले सप्ताह में भी ठंड के इसी प्रकार जारी रहने की संभावना व्यक्ति जा रही है. ठंड के साथ-साथ पूरा भी अपना प्रभाव दिख रहा है जो ऐसे ही जारी रह सकता है. ऐसे में अगर ज्यादा दिनों तक ठंड और कुहासे का असर रहा तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है. दिन का तापमान बढ़ सकता है किंतु रात और सुबह में तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. वहीं रात और सुबह में कुहासा के जारी रहने की संभावना है.
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