jehanabad News : जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सभी ग्रामीण चिकित्सकों के लिए वीपीडी सर्विलेंस समेत डायरिया, डेंगू, स्नेक बाइट और डॉग बाइट जैसे संक्रामक रोगों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में फैलने वाली संक्रामक एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान, निगरानी, सूचना संप्रेषण और आवश्यक निरोधात्मक व उपचारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना था.
रोगों की पहचान और रिपोर्टिंग की दी जानकारी
कार्यक्रम में ग्रामीण चिकित्सकों को विभिन्न रोगों के लक्षण, संदिग्ध मरीजों की पहचान, समुदाय स्तर पर रोग की सूचना देने की प्रक्रिया, कम्युनिटी रिपोर्टिंग, रेफरल व्यवस्था और रोग नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गई. प्रशिक्षकों ने किसी भी संक्रामक रोग की सूचना स्वास्थ्य विभाग तक समय पर पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया, ताकि संभावित प्रकोप की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर बीमारी के प्रसार को रोका जा सके.
VPD सर्विलेंस और डेंगू नियंत्रण पर जोर
कार्यक्रम का संचालन आद्री टीम के कोऑर्डिनेटर नीतीश कुमार ने किया. इसकी अध्यक्षता घोसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने की. स्वास्थ्य प्रशिक्षक सह प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक धर्मेंद्र कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. प्रशिक्षक के रूप में IDSP जहानाबाद के जिला महामारी रोग विशेषज्ञ आलोक कुमार ने प्रतिभागियों को VPD सर्विलेंस, डायरिया नियंत्रण, डेंगू से बचाव, स्नेक बाइट एवं डॉग बाइट प्रबंधन, त्वरित सूचना प्रणाली और सामुदायिक सहभागिता के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया.
प्रशिक्षण के बाद बांटे गए प्रमाण-पत्र
प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागी ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए. स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को ग्रामीण स्तर पर रोग निगरानी तंत्र मजबूत करने और समुदाय आधारित रिपोर्टिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
