Patna Morhar River: पटना उच्च न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षण और जनहित को ध्यान में रखते हुए जहानाबाद की जीवनदायिनी मोरहर नदी के पुनरुद्धार को लेकर राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं. न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने लोक जनशक्ति पार्टी (रा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. इंदु कश्यप द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया.
नदी जीवन और सभ्यता की आधारशिला : हाईकोर्ट
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि नदी केवल पानी का स्रोत नहीं है, बल्कि यह सभ्यता, कृषि और जीवन की आधारशिला है. यदि नदी बचेगी तभी जीवन बचेगा. अदालत ने राज्य सरकार को मोरहर नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
तीन प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई का आदेश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं—
- जहानाबाद जिले में लगभग 35 किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली मोरहर नदी के तटों से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए.
- नदी में वर्षों से जमा गाद की वैज्ञानिक तरीके से निकासी कर उसकी मूल धारा को पुनर्जीवित किया जाए.
- क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत कर बाढ़ और कटाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए.
खेती, पेयजल और भूजल रिचार्ज का प्रमुख स्रोत
मोरहर नदी जहानाबाद जिले की कृषि व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और भूजल रिचार्ज का महत्वपूर्ण आधार रही है. लेकिन लगातार अतिक्रमण और गाद जमा होने के कारण नदी का स्वरूप सिकुड़ता गया. इसका असर गर्मी के मौसम में जल संकट और मानसून के दौरान जलजमाव के रूप में सामने आने लगा.
स्थानीय किसानों और सामाजिक संगठनों द्वारा लंबे समय से नदी के पुनरुद्धार की मांग की जा रही थी.
फैसले से बढ़ा प्रशासन पर दबाव
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर मोरहर नदी के संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है. माना जा रहा है कि जल्द ही नदी से अतिक्रमण हटाने और गाद निकासी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
जनहित और पर्यावरण की जीत : डॉ. इंदु कश्यप
जनहित याचिका दायर करने वाली डॉ. इंदु कश्यप ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह जहानाबाद की जनता, किसानों और पर्यावरण प्रेमियों की बड़ी जीत है. उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय के निर्देशों के बाद मोरहर नदी को उसका पुराना स्वरूप वापस दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल होगी.
