Jehanabad Higher Education: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान घोसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रितुराज कुमार ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बदहाल स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि घोसी विधानसभा क्षेत्र के चारों प्रखंडों में आज तक एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित नहीं किया गया है, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
चारों प्रखंडों में सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं होने पर जताई चिंता
विधायक रितुराज कुमार ने कहा कि घोसी विधानसभा क्षेत्र में सरकारी डिग्री कॉलेज का अभाव लंबे समय से महसूस किया जा रहा है. क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्नातक और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है.
निजी कॉलेजों की फीस बनी गरीब छात्रों के लिए बाधा
उन्होंने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में केवल निजी महाविद्यालय संचालित हैं, जहां पढ़ाई का खर्च अधिक होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण परिवारों के कई छात्र-छात्राएं दाखिला नहीं ले पाते हैं. इसका सबसे अधिक असर गरीब और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है.
आर्थिक तंगी और दूरी के कारण छूट रही पढ़ाई
विधायक ने सदन में कहा कि कई विद्यार्थियों को मजबूरी में दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है. वहीं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आर्थिक तंगी और लंबी दूरी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं. इससे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
सरकारी डिग्री कॉलेज खोलने की सरकार से की मांग
रितुराज कुमार ने सरकार से मांग की कि शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से घोसी विधानसभा क्षेत्र के चारों प्रखंडों में जल्द से जल्द सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएं. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सकेगी और बेटियों की शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा.
नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
विधायक ने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थापना आवश्यक है. उन्होंने सरकार से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की, ताकि क्षेत्र के युवाओं को अपने ही इलाके में बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सके और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़े.
