Jehanabad Legal Awareness: मंडल कारा जहानाबाद में दोष स्वीकारोक्ति के आधार पर वाद निस्तारण एवं अपराधों के समझौते विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी देना था.
दोष स्वीकारोक्ति के आधार पर वाद निस्तारण की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण ने बंदियों को दोष स्वीकारोक्ति के आधार पर वाद निस्तारण की प्रक्रिया, इसके लाभ, पात्रता और सीमाओं के संबंध में सरल भाषा में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित और प्रभावी बनाने का माध्यम है, जहां कानून इसकी अनुमति प्रदान करता है.
अपराधों के समझौते संबंधी प्रावधानों पर चर्चा
अधिवक्ता ने अपराधों के समझौते से जुड़े विधिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि जिन मामलों में कानून अनुमति देता है, उनमें न्यायालय के समक्ष वैधानिक रूप से समझौता किया जा सकता है. उन्होंने बंदियों से अपील की कि किसी भी विधिक निर्णय से पहले योग्य अधिवक्ता से परामर्श अवश्य लें और जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाएं.
बंदियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान
कार्यक्रम के दौरान बंदियों की विभिन्न कानूनी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें उनके संवैधानिक और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया. इस अवसर पर मंडल कारा के सहायक जेल अधीक्षक राजीव कुमार, अधिकार मित्र कौशल किशोर सहित अन्य कारा कर्मी उपस्थित थे.
न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से बताया गया कि बंदियों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक उपायों की जानकारी देने तथा न्याय तक उनकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
