Jehanabad News : जहानाबाद जिले में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थानों का संचालन हो रहा है, लेकिन अधिकांश संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. कई कोचिंग सेंटर करकटनुमा कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां एक ही कमरे में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. इन संस्थानों में न पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है, न हवादार कमरे, न पार्किंग और न ही अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके बावजूद विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूलकर कोर्स संचालित किए जा रहे हैं.
अधिकांश संस्थानों का नहीं हुआ है निबंधन
हैरानी की बात यह है कि जिले के अधिकांश कोचिंग संस्थानों का शिक्षा विभाग में निबंधन तक नहीं हुआ है. ऐसे में विभाग के पास इन संस्थानों का पूरा डाटा भी उपलब्ध नहीं है. बिहार सरकार ने राज्यभर में बिना निबंधन संचालित कोचिंग संस्थानों पर लगाम लगाने का निर्णय लिया है. सरकार के निर्देश के अनुसार सभी कोचिंग सेंटरों को अनिवार्य रूप से निबंधन कराना होगा और निर्धारित मानकों का पालन करना होगा.
योग्य शिक्षक और आधारभूत सुविधाएं होंगी अनिवार्य
सरकार के नए प्रावधानों के तहत कोचिंग संस्थानों को योग्य शिक्षकों की टीम, पर्याप्त आधारभूत संरचना और छात्रों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी. साथ ही निबंधन के समय संचालित किए जा रहे सभी कोर्स, उनकी अवधि और फीस का पूरा विवरण भी राज्य सरकार को देना होगा. इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना निबंधन के संचालित हो रहे हैं.
250 से अधिक कोचिंग संस्थान, विभाग के पास केवल 52 की सूची
जिले में 250 से अधिक कोचिंग संस्थानों का संचालन होने का अनुमान है. हालांकि शिक्षा विभाग के पास केवल 52 संस्थानों की सूची उपलब्ध है, लेकिन इनमें से एक भी संस्थान का विधिवत निबंधन नहीं हुआ है. बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल के साथ-साथ कोचिंग भी भेजते हैं. ऐसे में इन संस्थानों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक माना जा रहा है.
आवेदनों की जांच प्रक्रिया जारी : डीईओ
जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में संचालित कई कोचिंग संस्थानों ने निबंधन के लिए आवेदन किया है. संस्थानों द्वारा जमा कराए गए आवेदनों की जांच प्रक्रिया चल रही है. जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
