चाढ़ गांव में मिट्टी खुदाई में मिला प्राचीन मूर्ति का अवशेष, ग्रामीणों ने वैज्ञानिक जांच और स्थल संरक्षण की मांग की

Jehanabad News: जहनाबाद के चाढ़ गांव में 10 मई को मिट्टी खुदाई के दौरान भगवान की प्राचीन मूर्ति का अवशेष मिला. इस खबर के फैलते ही आस-पड़ोस के गांव के लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई. मूर्ति के अवशेष को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. लोगों ने इसकी पुरातत्व विभाग से जांच कराने और संरक्षण की मांग की है.

Jehanabad News: कुमरडीह पंचायत के चाढ़ गांव में रविवार को मिट्टी खुदाई के दौरान भगवान की प्राचीन मूर्ति के अवशेष मिलने से पूरे इलाके में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन गया. ग्रामीणों के अनुसार, खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से पत्थर की एक पुरानी मूर्ति का ऊपरी भाग मिला, जबकि मूर्ति का निचला हिस्सा अब तक नहीं मिल सका है. मूर्ति दो खंडों में विभाजित प्रतीत हो रही है.

अवशेष को देखने पहुंच रहे लोग

जैसे ही मूर्ति मिलने की खबर फैली, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग वहां पर पहुंचने लगे. देखते ही देखते मौके पर गांव के लोगों की भारी भीड़ जुट गयी और लोग मूर्ति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे.

ग्रामीणों के बीच उत्साह का माहौल

ग्रामीणों में कोई इसे भगवान विष्णु की मूर्ति बता रहा था, तो कोई इसे वरुण देव की प्रतिमा मान रहा था. मूर्ति की बनावट और उसकी प्राचीन शैली को देखकर लोगों में यह विश्वास बढ़ रहा है कि यह किसी पुराने धार्मिक स्थल या ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा हो सकती है. ग्रामीण श्रद्धा और आस्था के साथ मूर्ति के दर्शन कर रहे हैं और इसे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं.

मौके पर उपस्थित भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सह ग्रामीण विनोद कुमार ने बताया कि जिस स्थान से मूर्ति के अवशेष प्राप्त हुए हैं, वह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार और पुरातत्व विभाग इस स्थल को संरक्षित कर वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कराये, तो यहां से और भी प्राचीन और बहुमूल्य अवशेष मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने यह भी उम्मीद जतायी कि मूर्ति का दूसरा भाग भी आगे की खुदाई में मिल सकता है.

पुरातत्व विभाग से जांच की मांग

मूर्ति निकलने के बाद गांव में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पुरातत्व विभाग की टीम भेजकर जांच करायी जाये, ताकि इस प्राचीन धरोहर की वास्तविक पहचान सामने आ सके.

क्या कहते हैं जानकार

खुदाई में मिली मूर्ति के अवशेष को लेकर प्राचीन प्रतिमाओं के जानकार शिवकुमार मिश्र ने बताया की “यह सूर्य प्रतिमा है जो नौवीं दसवीं शताब्दी में बनी होगी. पालवंशी राजाओं के समय ऐसी ही सूर्य मूर्तियां बनती थी.”

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Published by: Kumarsuryakant

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों की स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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