Jehanabad News: (सुनील शर्मा की रिपोर्ट) जिले के परावन गांव स्थित छोटकी अहरा में 15वीं वित्त आयोग मद से निर्मित पुल महज एक वर्ष के भीतर क्षतिग्रस्त हो गया है. पुल की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी है. किसानों का कहना है कि पुल खराब होने से खेतों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
2.38 लाख रुपये की लागत से हुआ था निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना संख्या-01 के तहत जिला परिषद उपाध्यक्ष संगीता देवी की अनुशंसा पर 2 लाख 38 हजार 700 रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था. इस पुल का उद्देश्य किसानों को कृषि कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना था.
गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों और गुणवत्ता की अनदेखी की गई, जिसके कारण पुल इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गया. उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से हुआ होता तो पुल एक वर्ष के भीतर जर्जर नहीं होता.
किसानों की बढ़ी परेशानी
पुल के क्षतिग्रस्त होने से ट्रैक्टर, थ्रेसर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में परेशानी हो रही है. किसानों ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित होने की आशंका है.
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य कराने वाले अभिकर्ता की भूमिका की जांच कराने की मांग की है. साथ ही जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और किसानों की सुविधा के लिए जल्द नए सिरे से पुल निर्माण कराने की मांग की है.
प्रशासन से हस्तक्षेप की उम्मीद
पुल की बदहाल स्थिति क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो किसानों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं. स्थानीय लोग जल्द समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं.
