जहानाबाद नगर. औषधि निरीक्षक ने शुक्रवार को लाल मंदिर के समीप संचालित रोहित मेडिकल हॉल की जांच की. निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से नशे की दवा की उपलब्धता को देखा गया. दुकान में नशे की कुछ दवाएं मिलीं, हालांकि उनका बिल मौजूद था. जांच में यह तथ्य सामने आया कि नशे की दवाओं की बिक्री के दौरान कोई कैशमेमो काटा नहीं गया. औषधि नियमों के अनुसार, नशे की किसी भी दवा की बिक्री पर संबंधित कैशमेमो का होना अनिवार्य है. निरीक्षण के बाद कहा गया कि जो भी तथ्य सामने आये हैं, उनकी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जायेगी. मालूम हो कि पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या की जांच कर रही एसआइटी को भी नशे की दवा मिली थी. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि उक्त दवा रोहित मेडिकल हॉल से खरीदी गयी थी. इसके बाद एसआईटी ने कुछ दिन पूर्व दवा दुकानदार से पूछताछ भी की थी. छात्रा की हत्या से जुड़े मामले में दवा दुकान का नाम सामने आने के बाद औषधि विभाग सक्रिय हो गया और शुक्रवार को औषधि निरीक्षक ने दवा दुकान की जांच कर यह सुनिश्चित किया कि नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं.
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