Jehanabad News: जिला समाहरणालय में जिला पदाधिकारी (DM) छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में लघु खनिजों के अवैध उत्खनन, अवैध प्रेषण, परिवहन एवं अवैध भंडारण की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन और बालू की अवैध ढुलाई से जुड़ी किसी भी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. संलिप्त माफिया और दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
राजस्व लक्ष्य प्राप्ति में धीमी प्रगति पर डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत खनन राजस्व की समीक्षा की गई. विभागीय लक्ष्य ₹6.30 करोड़ के विरुद्ध 28 अगस्त तक मात्र ₹3.62 करोड़ (362.06 लाख रुपये) की ही वसूली हो सकी है. विगत वर्ष (2025-26) में इसी अवधि तक ₹1.92 करोड़ (192.95 लाख) की वसूली हुई थी. लक्ष्य के सापेक्ष वसूली में आ रही सुस्ती पर डीएम ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया. उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और हर हाल में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए.
असंचालित बालूघाटों को शीघ्र शुरू कराने और ईंट-भट्ठों को 15 दिनों का अल्टीमेटम
बैठक में बालूघाटों और ईंट-भट्ठों को लेकर निम्नलिखित अहम निर्देश जारी किए गए:
- असंचालित बालूघाट: जिले में बंद पड़े असंचालित बालूघाटों के बंदोबस्तधारियों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और खनिज विकास पदाधिकारी (MO) तत्काल समन्वय बैठक करें. सभी तकनीकी व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कराकर घाटों का संचालन अविलंब शुरू कराया जाए. अनावश्यक देरी होने पर संबंधित के खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी.
- ईंट-भट्ठा मालिकों पर एक्शन: ईंट सत्र में शून्य भुगतान करने वाले सभी बकायेदार ईंट-भट्ठा संचालकों को 15 दिनों के भीतर बकाया रॉयल्टी जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है. तय समय-सीमा में भुगतान न करने पर भट्ठों को सील करते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी.
- रॉयल्टी व गूगल शीट विवरण: सभी कार्य विभागों को मालिकाना फीस और रॉयल्टी की राशि समय पर जमा करने तथा योजनावार लघु खनिजों का पूरा ब्योरा गूगल शीट में अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया गया.
संवेदनशील इलाकों में संयुक्त छापेमारी के निर्देश: डीएम (कोट)
"अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध भंडारण पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए अधिकारी केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएं. अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ, डीटीओ और खनन पदाधिकारी संवेदनशील घाटों व मार्गों पर संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाएं. अवैध परिवहन में लगे वाहनों को जब्त कर अर्थदंड लगाया जाए. राजस्व वसूली व प्रवर्तन कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी." — छिरिङ वाई भूटिया, जिला पदाधिकारी, जहानाबाद
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