जमीन की रजिस्ट्री में अब नहीं रहेगा कागज का झंझट, मोबाइल पर मिलेगी दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी

जहानाबाद में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को सफल बनाने के लिए डीएम ने डीड राइटरों के साथ बैठक की। नई डिजिटल प्रक्रिया और जागरूकता शिविर पर दिया जोर।

Jehanabad News : जहानाबाद में जमीन और अन्य दस्तावेजों के निबंधन की प्रक्रिया को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए जिले में लागू पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के सभी डीड राइटरों के साथ बैठक हुई. बैठक में नई डिजिटल व्यवस्था के सफल और सुचारू संचालन को लेकर चर्चा की गयी.

आम लोगों में जागरूकता की कमी से आ रही परेशानी

बैठक में डीड राइटरों ने पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किये. कुछ डीड राइटरों ने बताया कि नयी व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच पर्याप्त जानकारी और जागरूकता नहीं होने के कारण निबंधन कार्य प्रभावित हो रहा है.

डीएम ने डीड राइटरों को आश्वस्त किया कि डिजिटल निबंधन व्यवस्था के संचालन में जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को डीड राइटरों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने और प्रखंड स्तर पर विशेष जागरूकता शिविर लगाने का निर्देश दिया.

जमीन की रजिस्ट्री के दौरान मोबाइल पर आयेगा OTP

डीएम ने पेपरलेस निबंधन में OTP को लेकर लोगों के बीच बनी भ्रांतियों को भी दूर किया. उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के समय संबंधित व्यक्ति के आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर दस्तावेज और निबंधन से संबंधित विवरण के साथ OTP प्राप्त होगा.

उन्होंने लोगों से अपील की कि OTP साझा करने से पहले मोबाइल पर आये विवरण को ध्यान से पढ़कर उसकी पुष्टि जरूर करें. प्रशासन के अनुसार यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है.

‘पेपरलेस’ का मतलब यह नहीं कि कागज का दस्तावेज नहीं मिलेगा

डीएम ने स्पष्ट किया कि पेपरलेस व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि निबंधन कराने वाले व्यक्ति को कागजी दस्तावेज नहीं मिलेगा. पेपरलेस व्यवस्था मुख्य रूप से सरकारी अभिलेख और विभागीय प्रक्रिया को डिजिटल बनाने से जुड़ी है.

निबंधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को अपने दस्तावेज की प्रति पहले की तरह मिलती रहेगी. इसके साथ ही दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी मोबाइल पर भी उपलब्ध करायी जाएगी.

18 जुलाई से लागू है नई डिजिटल व्यवस्था

बिहार सरकार की नई डिजिटल निबंधन व्यवस्था जिले में 18 जुलाई से लागू की गयी है. इसके तहत निबंधन प्रक्रिया को ऑनलाइन, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है. प्रक्रिया पूरी होते ही दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर उपलब्ध हो जायेगी.

इससे दस्तावेज के गुम होने, फटने, खराब होने या दीमक से क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी. डिजिटल रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा.

कंप्यूटर में परेशानी हो तो ऑपरेटर की ले सकेंगे मदद

डीएम ने सभी डीड राइटरों से नई व्यवस्था का विधिवत प्रशिक्षण लेने और डिजिटल प्रक्रिया की पूरी जानकारी रखने की अपील की, ताकि निबंधन कराने आने वाले लोगों को सही मार्गदर्शन दिया जा सके.

जिन डीड राइटरों को कंप्यूटर संचालन में परेशानी है, उन्हें जरूरत के अनुसार कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा लेने और संबंधित ऑपरेटर को भी आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने का सुझाव दिया गया.


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By मृत्युंजय कुमार

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