सड़क की समस्या को लेकर सरैया गांव के ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का लिया निर्णय

सरैया गांव के ग्रामीणों ने अब तक सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है.

रतनी.

सरैया गांव के ग्रामीणों ने अब तक सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद आज तक इस गांव में पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. जबकि वर्तमान सरकार टोले व कस्बे को पक्की सड़क से जोड़ने का काम कर रही है लेकिन सरैया गांव को आज तक पक्की सड़क से नहीं जोड़ा गया है जिसके कारण ग्रामीणों को खासकर बरसात के दिनों में घर से निकलने में काफी फजीहत का सामना करना पड़ता है. एक भी वाहन गांव में नहीं जाते, जिसके कारण या तो पैदल या फिर दो पहिया मोटरसाइकिल से किसी तरह ग्रामीण आने जाने को विवश होते हैं. इस दौरान कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त भी हो जाते हैं. बावजूद सरकार व जनप्रतिनिधि का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा है जिसके कारण ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर लोकसभा चुनाव में आगामी एक जून को होने वाले मतदान से पूरे ग्रामीणों ने अपने को दूर रखने का निर्णय लिया है. उनलोगों का कहना है कि जब तक यहां सड़क का निर्माण नहीं हो जाता तब तक यहां के ग्रामीण वोट का बहिष्कार करते रहेंगे. मालूम हो कि शकुराबाद- घेजन मुख्य मार्ग स्थित प्रिजपुरा मोड़ से तीन किलोमीटर कि दूरी पर बसी इस गांव को आज तक जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण कराना मुनासिब नहीं समझे. वोट के लिए गांव में आते हैं और जीत जाने के बाद इस गांव को भूल जाते हैं. कई जनप्रतिनिधि आए और चुनाव बाद सड़क निर्माण का आश्वासन भी दिए लेकिन आज तक आश्वासन कार्रवाई में नहीं बदला. नतीजन हमलोग कच्ची सड़क से आवागमन को विवश हैं, इसलिए ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार किया है.

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