Jehanabad News : जहानाबाद जिले की दरधा, मोरहर और बलदइया नदी उफान पर है. पिछले 24 घंटे में इन नदियों के जलस्तर में चार से पांच फीट तक की बढ़ोतरी हुई है. इससे जिले के पश्चिमी और दक्षिणी इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गयी है. इमादपुर, करौता, बसंतपुर समेत करीब एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. हालांकि, अभी गांवों में पानी प्रवेश नहीं किया है. वहीं, हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बाढ़ के पानी में डूब गयी है.
सड़कों पर बह रहा चार से पांच फीट पानी
रतनी फरीदपुर प्रखंड के श्रीबीघा, खजुरबन्ना, आलमपुर और चैनपुर के पास सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है. शकूराबाद बाजार के समीप पुल पर करीब चार से पांच फीट पानी बहने से आवागमन प्रभावित है. लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है.
जाफरगंज पुल की रेलिंग पानी में डूबी
शहर में दरधा नदी का जलस्तर भी करीब चार फीट बढ़ गया है. इसके कारण जाफरगंज पुल की पूरी रेलिंग पानी में समा गयी है. एसएस कॉलेज पुल पर भी करीब पांच फीट पानी बह रहा है. गांधी मैदान क्षेत्र को महिला थाना होते हुए बाजार से जोड़ने वाले पैदल पुल के दक्षिणी मुहाने पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. प्रशासन ने पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर लोगों के आवागमन पर रोक लगायी है. इसके बावजूद लोग खतरे की परवाह किए बिना पुल से आना-जाना कर रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग पुल पर खड़े होकर बाढ़ का पानी देखने और उसका आनंद लेने पहुंच रहे हैं.
निचले इलाकों में घर छोड़कर शरण ले रहे लोग
गांधी मैदान को गोरक्षनी से जोड़ने वाले पैदल पुल के उत्तरी मुहाने पर भी पानी पहुंच गया है. शहर के जाफरगंज, अंबेडकर नगर, गोरक्षनी और होरिलगंज के नदी किनारे व निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. प्रभावित परिवारों ने रिश्तेदारों, आसपास के घरों और स्कूलों में शरण ले रखी है.
कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह पानी में डूबीं
खान बहादुर रोड से पाठक टोली, श्याम नगर से शक्तिनगर और होरिलगंज से प्रेमनगर जाने वाली सड़क, जिस पर बुधवार तक पानी बह रहा था, गुरुवार को पूरी तरह बाढ़ के पानी में समा गयी. वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के हैदरसलामी के पास से नदी किनारे होते हुए राजा बाजार जाने वाली सड़क भी पानी में डूब गयी है. इससे इन इलाकों के लोगों का शहर से संपर्क प्रभावित हुआ है. लोगों को शहर आने-जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है.
प्रशासन बोला- फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि जिले में फिलहाल बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है. फल्गु नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है. दरधा और मोरहर नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन अभी तक किसी गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश नहीं किया है. गांवों के आसपास और कई जगह आने-जाने वाले रास्तों पर पानी जमा है. उन्होंने बताया कि स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है और इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है. अगर झारखंड में बारिश नहीं होती है तो शुक्रवार शाम से नदियों के जलस्तर में कमी आने की संभावना है.
