Jehanabad News: जहानाबाद सदर अस्पताल में सड़क हादसे में घायल दो युवकों के टूटे पैर पर प्लास्टर या स्लैब लगाने के बजाय कार्टन का गत्ता बांधकर पीएमसीएच रेफर करने का मामला तूल पकड़ चुका है. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सोशल मीडिया पर घायल युवकों की तस्वीर साझा कर तीखा हमला बोले जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. स्वास्थ्य विभाग के सचिव द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने सिविल सर्जन, सदर अस्पताल अधीक्षक और डीपीएम को तलब कर कड़ी फटकार लगाई है.
बिना प्लास्टर गत्ता बांधकर पीएमसीएच किया रेफर
गुरुवार को हुलासगंज क्षेत्र में दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में चार युवक घायल हो गए थे, जिनमें से दो युवकों के पैर टूट गए थे. हुलासगंज सीएचसी में प्राथमिक उपचार के नाम पर टूटी हड्डियों पर गत्ता (कार्टन) लपेटकर उन्हें सदर अस्पताल भेज दिया गया. घोर लापरवाही तब सामने आई जब सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी गत्ते को हटाकर प्लास्टर या स्लैब चढ़ाने की जहमत नहीं उठाई और घायलों को उसी हाल में पीएमसीएच रेफर कर दिया.
तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर साधा निशाना
गुरुवार देर रात तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' और फेसबुक पर घायल युवकों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग खुद आईसीयू में चला गया है. नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि राजधानी से महज 45 किलोमीटर दूर स्थित जिला अस्पताल में क्या प्लास्टर जैसी बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था नहीं बची है. उन्होंने अपने 17 महीने के कार्यकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था में किए गए सुधारों का भी हवाला दिया.
डीएम ने डॉक्टरों से मांगा चौबीस घंटे में स्पष्टीकरण
मामला शासन स्तर तक पहुंचते ही जिलाधिकारी ने जिले के स्वास्थ्य तंत्र की लचर कार्यशैली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए हुलासगंज सीएचसी से लेकर सदर अस्पताल तक के उन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है, जिनकी देखरेख में यह लापरवाही हुई. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
