Arwal News : अरवल जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिमी ने मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लिया. बैठक में साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और साइबर ठगी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर समीक्षा की गयी.
बैठक में साइबर सुरक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया गया. इसके तहत सुधा आउटलेट्स, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और बिजली बिलों के माध्यम से राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया गया, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोग तत्काल शिकायत दर्ज करा सकें.
हर मंगलवार चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में बताया गया कि प्रत्येक मंगलवार को ‘साइबर मंगलवार’ अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे. इन कार्यक्रमों में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी, केवाईसी अपडेट, ओटीपी साझा करने और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी लोगों को दी जाएगी. अधिकारियों को अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने का निर्देश दिया गया.
शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई पर जोर
बैठक में बताया गया कि बिहार साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. राज्य में ई-जीरो एफआईआर और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या यूपीआई संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें. साइबर ठगी होने की स्थिति में बिना देर किये राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.
