जहानाबाद: योजनाओं की अनदेखी का आरोप, पार्षदों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

जहानाबाद में नगर परिषद के कार्यों के खिलाफ वार्ड पार्षदों का आंदोलन तेज हो गया है. उन्होंने विकास कार्यों में अनदेखी और मनमानी का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है.

Jehanabad News : शहर में विकास कार्यों के ठप होने, बोर्ड से पारित योजनाओं को लागू नहीं किए जाने और नगर परिषद प्रशासन की कार्यशैली के विरोध में वार्ड पार्षद शुक्रवार से आंदोलन पर उतर आए. नगर परिषद कार्यालय के समीप शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने में पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और शहरवासियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया. उन्होंने चेतावनी दी कि सात सूत्री मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा.

बोर्ड से पारित योजनाओं की अनदेखी का आरोप

धरना स्थल पर मीडिया से बातचीत में पार्षदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड एवं सशक्त स्थायी समिति द्वारा जनहित में चयनित योजनाओं में लेखा पुस्तिका स्तर पर मनमाने ढंग से बदलाव किए जा रहे हैं. उनका कहना है कि बोर्ड से पारित योजनाओं के बजाय विभागीय स्तर पर मनमाने तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं. इससे जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर हो रही है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

डेढ़ वर्ष से ठप है शहर का विकास

पार्षदों ने कहा कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से शहर में विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं. कई वार्डों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग जलजमाव की गंभीर समस्या झेल रहे हैं. बार-बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद प्रशासन इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है.

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में अनियमितता का आरोप

धरना दे रहे पार्षदों ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया में भी अनियमितता का आरोप लगाया. उनका कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दो पृष्ठीय प्रपत्र के स्थान पर नगर परिषद प्रशासन पांच पृष्ठों का अतिरिक्त प्रारूप भरवा रहा है. इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है और पार्षदों की अनुशंसा के बावजूद प्रमाणपत्र जारी होने में कई दिनों की देरी हो रही है.

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से शहर के कई हिस्से अंधेरे में डूबे हुए हैं. उन्होंने बताया कि मार्च महीने में जिला पदाधिकारी को ज्ञापन देकर तालाबंदी की चेतावनी भी दी गई थी. उस समय कार्यपालक पदाधिकारी ने सात दिनों के भीतर निविदा जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

पार्षदों ने कहा कि वे जनता की समस्याओं के समाधान और शहर के विकास के लिए चुने गए हैं, केवल औपचारिकता निभाने के लिए नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सात सूत्री मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा. आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. धरने में कई वार्ड पार्षदों के साथ स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे.

गया-पटना रेलखंड पर जहानाबाद में ओएचई तार काटा, दो घंटे बाधित रहा रेल परिचालन


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashok Jehanabad

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >