परेशानी . एनएच पर फैला दिया गया है धंधा, जाम में फंस कर बेहाल हो रहे लोग
एनएच 83 के िकनारे अतिक्रमण कबाड़ी दुकान.
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ गया अतिक्रमण का दायरा
अभियान चलाये तीन दिन हो गये अतिक्रमण की स्थिति जस-की-तस
जहानाबाद : शहर में जनहित के दृष्टिकोण से प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रारंभ किया गया है. तीन दिनों पूर्व उंटा सब्जी मंडी के पास ट्रक से कुचल कर एक युवक की मौत होने के बाद अधिकारी अतिक्रमण के विरुद्ध गंभीर हुए और एनएच पर अतिक्रमण के अलावा अवैध पार्किंग के विरुद्ध अभियान चलाया. इसके सार्थक परिणाम दिख भी रहे हैं. लेकिन अभी कुछ प्रमुख स्थान ऐसे हैं, जहां अधिकारियों के द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चला लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने की जरूरत है. इनमें एक प्रमुख है एसबीआइ और दरधा पुल के बीच का स्थान, जहां एक बड़े भू-भाग में एनएच 83 को कबाड़ खाना बना दिया गया है.
उक्त स्थान पर कई चिकित्सकों के क्लिनिक हैं. समीप में एसबीआइ की मेन ब्रांच है. सड़क के पश्चिम तरफ शॉपिंग प्लेस है. रोज लोगों की भीड़ लगती है. लेकिन कुछ कबाड़ियों की मनमानी से एचएच 83 पर जाम लग रहा है. दरधा पुल पर जाम लगने का यह प्रमुख कारण है. सड़क पर दिन-रात स्थायी तौर पर रखे कबाड़ के सामान, ऊपर से वाहन खड़े कर रोज सुबह-शाम सामान को लोड-अनलोड करना. ऐसी स्थिति से सड़क पर जो लंबा जाम लग जाता है उससे दरधा पुल, अस्पताल मोड़ और अरवल मोड़ तक का इलाका प्रभावित हो जाता है.
अधिकारियों की चेतावनी का कबाड़ियों पर असर नहीं : डीएम के निर्देश पर शहर में माइक द्वारा प्रचार कराया गया. अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गयी कि वे सड़क पर अवैध कब्जा न करें. लेकिन कबाड़ का व्यवसाय करने वालों पर इसका तनिक भी असर नहीं है. अभियान चलाये तीन दिन हो गये लेकिन एसबीआइ के समीप अतिक्रमण की स्थिति जस-की-तस है. इस रास्ते से प्रतिदिन डीएम, एसपी, एसडीओ सहित अन्य अधिकारी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी गुजरते हैं. जाम में फंसते हैं. उनके सुरक्षाकर्मी तो उनकी गाड़ी निकलवा देते हैं, लेकिन परेशानी होती है आम लोगों को. स्टेशन रोड़ की तरह दरधा पुल से दक्षिण भी जोर-शोर से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की लोग मांग कर रहे हैं.
शहर का यह एक ऐसा प्रमुख स्थल है, जहां घनी आबादी है. आवासीय के अलावा कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी और प्राइवेट स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संचालित होते हैं. इसे भी अतिक्रमणकारियों ने अपनी गिरफ्त में ले रखा है.
इतना ही नहीं नाले का भी अतिक्रमण कर उस पर दुकानें खोल दी गयी हैं. परिणाम यह कि सुबह से लेकर शाम तक छात्र-छात्राएं, इलाके के लोगों के अलावा राहगीरों एवं वाहन चालकों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही है. स्कूली बस जाम में फंसने से मासूम बच्चे बिलबिलाते रहते हैं. कोई भी दुकानदार अपनी दुकान सड़क से हटाने को तैयार नहीं.
