बाथे, बथानी व मियांपुर जनसंहार के पीड़ितों को भी मिले मुआवजा
जहानाबाद : भाकपा माले ने सेनारी जनसंहार की तरह ही बाथे, बथानी, शंकरबिगहा, मिंयापुर एवं अन्य जनसंहारों में मारे गये लोगों के आश्रित परिवार और घायलों को भी सेनारी की तरह मुआवजा देने की मांग उठायी है. पार्टी के केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चेयरमैन रामजतन शर्मा ने बुधवार को यहां जारी किये गये एक प्रेस बयान में कहा है कि सेनारी कांड का फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा है कि संविधान के तहत प्रत्येक नागरिक को जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है.
सरकार नागरिकों को संविधान प्रदत्त जीवन जीने के मौलिक अधिकार की रक्षा करने में असफल रही है. कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि सेनारी नरसंहार के पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपया मुआवजा राशि सरकार भुगतान करें. कोर्ट के इस आदेश के आलोक में माले नेता ने ब्यान जारी कर कहा है कि उक्त जनसंहारों पर विचार करने से यह जाहिर होता है कि जनसंहार के मृतकों के परिवार और घायलों को इस संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है. लिहाजा उचित मुआवजा मिलना चाहिए. क्योंकि उनके जीवन जीने के संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार की रक्षा करने में सरकार असफल रही है.
फरार दोषियों की शीघ्र हो गिरफ्तारी
20 दिनों पूर्व 27 अक्तूबर को 15 आरोपितों को दोषी करार दिया गया था जिसमें मंगलवार को 10 अभियुक्तों को फांसी और तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. दोषी करार दो अभियुक्त गनौरी मांझी और व्यास यादव उर्फ नरेश यादव अभी फरार चल रहा है. सेनारी के ग्रामीण कह रहें हैं कि उक्त दोनो अभियुक्तों को पुलिस शीघ्र गिरफ्तार करे ताकि इन लोगों को भी उनके द्वारा की गयी पैशाचिक कार्रवाई के लिए कड़ी सजा मिल सके. बतादें कि न्यायालय ने इन दोनों फरार अभियुक्तों का बंधपत्र निरस्त कर दिया है और उन पर गैर जमानतीय वारंट जारी किया गया है. सेनारी नरसंहार मामले में हीं एक अन्य दोषी करार अभियुक्त दुखन राम को कल सजा सुनायी जानी है. सेनारी के ग्रामीणों को इस अभियुक्त को भी कड़ी सजा मिलने की उम्मीद है.
