नेशनल मेडिकल कमीशन का किया विरोध
जहानाबाद : आइएमए एवं बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ जिला शाखा के द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी बिल) के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय में सरकारी एवं गैर-सरकारी डॉक्टरों ने जुलूस निकाला और समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा. इसके माध्यम से संघ अपनी पांच सूत्री मांगों को पूरा करने की आवाज उठा रहे थे. सदर अस्पताल के समीप से डॉक्टरों का समूह देश व्यापी सत्याग्रह के तहत जुलूस की शक्ल में सड़क पर निकले थे. अस्पताल मोड़ अम्बेदकर चौक होते हुए डॉक्टरों का समूह कलेक्ट्रेट पहुंची और पांच सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा.
एनएमसी बिल के संबंध में संघ का कहना है कि देश की पूर्व केंद्रीय सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिये एवं कानून बनायें, जिससे आधुनिक चिकित्सा में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उठाये गये बिंदुओं पर विचार का आश्वासन दिया था. एक साल पूर्व प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह वापस लिया गया था. लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उस पर कोई पुर्नविचार नहीं किया गया. डॉक्टरों ने पीसीपीएनडीटी कानून में संशोधन करने, चिकित्सकों द्वारा दी जाने वाली मुआवजे की अधिकतम राशि तय करने, आधुनिक चिकित्सा पद्धति में गैर-वैधानिक मिश्रण बंद करने और समान काम के लिए समान वेतन देने की भी मांग की है. डॉक्टरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सा को पवित्र पेशे में सबसे पावन मानते हुए चिकित्सकों के व्यावसायिक एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार को कानून बनाने का निर्देश दिया था. लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ. देश में चिकित्सकों के विरुद्ध मुकदमें एवं हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हो रही है. केंद्र सरकार से अविलंब एक राष्ट्रीय कानून बनाने की भी मांग की गयी. इस कार्यक्रम में डाॅ अजय कुमार सिन्हा, डाॅ राजदेव प्रसाद, डाॅ अविनाशी सदगुरू, डाॅ केराजन, डाॅ एसजीत, डाॅ अरविंद सहित कई चिकित्सक शामिल थे.
