जहानाबाद : नगर पर्षद जहानाबाद शहरी क्षेत्र में सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट के मॉडल को लागू करने की कवायद में जुट गयी है. मंगलवार को पर्षद कार्यालय में वार्ड पार्षदों और कर्मचारियों की बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन मॉडल को लागू करने का फैसला लिया गया. फैसले के तहत प्रत्येक घर से अब गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था की जा जायेगी.
शहर को मिलेगी कचरे के ढेर से मुक्ति, बनेगी खाद

शहर को मिलेगी कचरे के ढेर से मुक्ति, बनेगी खाद
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जहानाबाद : नगर पर्षद जहानाबाद शहरी क्षेत्र में सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट के मॉडल को लागू करने की कवायद में जुट गयी है. मंगलवार को पर्षद कार्यालय में वार्ड पार्षदों और कर्मचारियों की बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन मॉडल को लागू करने का फैसला लिया गया. फैसले के तहत प्रत्येक घर से अब गीला और सूखा […]
इसके लिए नगर पर्षद द्वारा प्रत्येक घर को नीला और हरा रंग का दो डस्टबिन मुहैया कराया जायेगा. नीले रंग के डस्टबिन में गीले कचरे व हरे रंग के डस्टबिन में सुखे कचरे का भंडारण करने की सलाह लोगों को दी जायेगी. कचरा उठाव करने वाली एजेंसी भी दोनों प्रकार के कचरों को अलग-अलग रखेगी. नगर पर्षद के डंपिंग स्थल पर कचरे को बड़े गड्ढे में दबा दिया जायेगा जो कुछ दिनों बाद खाद में तब्दील हो जायेगी.
वहीं सूखे कचरे में से रिसाइकिल होने लायक सामग्री को अलग कर डिस्पोजल किया जायेगा. नगर पर्षद के मुताबिक इस तरह की तैयार की गयी खाद जांच में उच्च क्वालिटी की पायी गयी है, जिससे तीन फायदे होंगे. एक कचरे का निष्पादन, दूसरा कम लागत पर किसानों के लिए कंपोस्ट खाद का निर्माण और तीसरा नगर पर्षद के राजस्व में वृद्धि.
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि प्रक्रिया के एनओसी के लिए अंचलाधिकारी को लिखा गया है. एनओसी प्राप्त होते ही नगर पर्षद बेस्ट डिस्पोजल प्लांट को लगाने में जुट जायेगा. बैठक में उपमुख्य पार्षद मो कलामउद्दीन और अन्य कई वार्ड पार्षदों के साथ-साथ सिटी मैनेजर अवध किशोर सिंह, निरंजन पांडेय, जितेंद्र पांडेय आदि उपस्थित थे.