नारी स्वतंत्रता का मतलब शक्ति को पहचान और सम्मान देना : प्रो शम्शी

महिला सशक्तीकरण पर सेमिनार

झाझा. नारी स्वतंत्रता का मतलब उनकी शक्ति को पहचान और सम्मान देना है. इसके लिए लगातार प्रयास हो रहा है. उक्त बातें डीएसएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ अजफर शम्शी ने शनिवार को महाविद्यालय सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई व महिला सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला सशक्तीकरण पर हुए सेमिनार में कही. उपस्थित छात्र- छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि जिस गति से आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में आगे आ रहीं है. आने वाले दिनों में ये अपना परचम लहराएंगी. कार्यक्रम में मौजूद एनएसएस प्रभारी प्रो राकेश पासवान ने कहा कि नारी एक शक्ति, एक प्रेरणा और एक उम्मीद हैं. समाज के लिए उनके बिना भारत को विकसित होने की प्रक्रिया बेकार है. कार्यक्रम का संचालन छात्रा गुनगुन झा, अंशिका कुमारी ने किया. इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और अपनी-अपनी बातें रखीं. मौके पर प्रो रूबी सिंह, प्रो ईश्वर कुमार पासवान, हेड क्लर्क संजय चौधरी, नरेंद्र सिंह, विपिन बिहारी मिश्रा, संतोष नारायण, खुशबू कुमारी, निशा कुमारी, रौनक कुमारी, आकाश कुमार, अमन कुमार समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >