जमुई. जिला मुख्यालय के थाना चौक स्थित मदरसा अहले सुन्नत तालीमुल कुरआन में इदार-ए-शरीया पटना की शाखा सुन्नी उलेमा बोर्ड के जेरे इहतमाम हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए सोमवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सह वैक्सीनेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर विशेष प्रशिक्षक हजरत मौलाना हाफिज अबुल कलाम निजामी साहब ने हाजियों को संबोधित करते हुए हज के अरकान और आदाब की जानकारी विस्तारपूर्वक दी. उन्होंने कहा कि हज का सबसे अहम रुक्न वकफ-ए-अरफ़ा है और इस मुबारक सफर के दौरान हर तरह के गलत कामों से बचना चाहिए. उन्होंने कुरआन की आयत का हवाला देते हुए तकवा, सब्र और अच्छे अखलाक अपनाने की नसीहत दी. साथ ही हाजियों को रोजा-ए-रसूल पर हाजिरी देने और अधिक से अधिक दरूद शरीफ़ पढ़ने की भी ताकीद की. अलहाज फारूक आजम साहब ने हज के व्यावहारिक पहलुओं और जरूरी हिदायतों पर रोशनी डाली, जिससे यात्रियों को अहम जानकारी मिली. कार्यक्रम के समापन पर हजरत मौलाना जिया-उर-रसूल खान गफ्फारी ने सामूहिक दुआ कराई और हाजियों से हरमैन शरीफ़ैन में मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और सलामती के लिए दुआ करने की अपील की. मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अभिषेक कुमार, एसीएमओ डॉ अरविंद कुमार, शमीम अख्तर, मुफ्ती तकवीम मिस्बाही, मौलाना सफीउल्लाह रजवी, कारी अजराईल, कारी मुजाहिद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे. बताते चलें कि कि इस वर्ष हज पर जाने वाले कुल 20 यात्री हैं, जिनमें 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं. सभी यात्रियों ने प्रशिक्षण में भाग लेने के साथ आवश्यक वैक्सीन भी लगवाई.
हज यात्रियों को दिया गया प्रशिक्षण
हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए सोमवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सह वैक्सीनेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
