नहीं रहे चकाई व्यावसायिक संघ के स्तंभ रामेश्वर प्रसाद अकेला शोक की लहर

निधन की खबर मिलते ही आवास पर अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग

चंद्रमंडीह. चकाई बाजार के प्रतिष्ठित समाजसेवी, व्यावसायिक संघ के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व सचिव रामेश्वर प्रसाद अकेला उर्फ परमेश्वर साह का शनिवार की अहले सुबह निधन हो गया. वे 82 वर्ष के थे तथा पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. शोक संवेदना व्यक्त करते हुए व्यावसायिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अजय कुमार मुन्ना ने कहा कि उनके निधन से चकाई व्यवसायिक संघ ने अपने एक सजग प्रहरी को हमेशा के लिए खो दिया है. वे हमेशा अभिभावक के रूप में सबों के पथ प्रदर्शक बने रहे. 1944 में जन्मे रामेश्वर प्रसाद अकेला अपनी सादगी और गांधीवादी विचारधारा के लिए विख्यात थे. वर्ष 1994 में चकाई में व्यावसायिक संघ की नींव रखने में उन्होंने मुख्य भूमिका निभायी थी. वे न केवल व्यापारियों के हितों के लिए हमेशा संघर्षरत रहे बल्कि जनसंघ के समय चकाई के पूर्व विधायक स्व. फाल्गुनी प्रसाद यादव के रणनीतिकार के रूप में उन्हें चुनाव लड़वाने में भी सक्रिय भूमिका निभायी थी. वहीं व्यावसायिक संघ के सचिव कन्हैयालाल गुप्ता, राजेश वर्णवाल, रामेश्वर लाल वर्णवाल, विजय वर्णवाल, संदीप वर्णवाल, पवन केशरी सहित कई गणमान्य लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्ग दर्शन में कार्य करना शानदार अनुभव रहा. ऐसे में उनका निधन चकाई व्यावसायिक संघ के लिए अपूरणीय क्षति है. वे अपने पीछे पुत्र अमृत रंजन, एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. वहीं उनके निधन की खबर मिलते ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा.

कबीर पंथी लच्छू रविदास का 110 वर्ष की उम्र में निधन

सोनो. प्रखंड के नैयाडीह पंचायत अंतर्गत बुझायत गांव निवासी कबीर पंथी लच्छू रविदास का शुक्रवार को निधन हो गया. उन्होंने 110 वर्ष की उम्र में अपने आवास में अंतिम सांस ली. पुत्र देवसागर बौद्ध, शिवसागर दास, बाबूलाल दास और कृष्ण दास व पुत्री भेलनी देवी और श्यामा देवी समेत उनका भरा पूरा परिवार है. पौत्र प्रकाश बौद्ध ने बताया कि उनका जीवन बेहद सादगी भरा था. समाज के सभी वर्गों में उनका सम्मान था. साधु बाबा के रूप में वे गांव -गांव जाकर ग्रामीण बच्चों को भजन करना सीखाते थे. वे कबीर दास जी के विचार से प्रभावित थे. इसलिए उन्होंने कबीर पंथी विचारों को अपनाया. इसके अलावे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में भी उन्होंने अपना योगदान दिया था. पूर्व मुखिया हरिशंकर यादव, सुरेश शर्मा, विपिन सिंह, मुन्ना सिंह, हीरा यादव, बिंदु राजभर, ज्योति मंडल, अनुज सिंह, अर्जुन सिंह, रिंटु वर्णवाल, मुन्ना कुमार साह, टिंकू शर्मा, इंद्रदेव मांझी, बबलू साह, सहदेव रविदास, संजय दास, रामदेव दास समेत ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >