किताबी ज्ञान से बेहतर है व्यावहारिक अनुभव : पूर्व कुलपति

छात्र-छात्राओं को दिया गया प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र

झाझा. किताबी ज्ञान केवल सैद्धांतिक जानकारी और समाधान देता है. व्यावहारिक ज्ञान उस समाधान को वास्तविक जीवन की कठिन परिस्थितियों में लागू करने की समझ और कौशल विकसित करता है. सच्चा ज्ञान वह है जो जीवन में काम आये. उक्त बातें चार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ अरविंद कुमार ने शनिवार को सागर कंप्यूटर में सेमेस्टर -5 के छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र देने के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि अनुभव ही सच्चा ज्ञान है. किताबें रास्ता बता सकती हैं, लेकिन चलना खुद पड़ता है. अनुभव ही सही- गलत की परख देता है. हाथ से किया हुआ काम व्यक्ति कभी नहीं भूलता, जबकि किताबी ज्ञान केवल रटा हुआ ज्ञान हो सकता है. व्यावहारिक ज्ञान तात्कालिक परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद करता है, जो किताबों में नहीं मिलता है. छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए पूर्व वीसी ने कहा कि वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने से आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और समस्याओं को सुलझाने का कौशल विकसित होता है. इसलिए हमेशा व्यावहारिक ज्ञान पर कम करें. इससे जीवन में हमेशा सफलता मिलेगी. कार्यक्रम में मौजूद केएसएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो रामावतार सिंह ने कहा कि कौशल विकास से न सिर्फ आपका व्यक्तित्व का विकास होगा, बल्कि आपके काम करने की क्षमता में भी वृद्धि होगी. यही कारण है कि आज प्रत्येक विभाग में कार्य कुशलता को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं

कार्यक्रम में मौजूद सिमुलतला आवासीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ राजीव रंजन ने उपस्थित छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं है. आपने जो पढ़ा है, उसे ग्रहण करें और अपने सम्मान के लिए सदैव कार्य करते रहें. उसी में आपको सफलता मिलेगी. कार्यक्रम में मौजूद देव सुंदरी मेमोरियल महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो एसपी झा ने भी छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ उसके साथ जो सीख मिलती है, वह सबसे बड़ा ज्ञान है. आज की तारीख में व्यावसायिक पाठ्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसमें छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ना चाहिए. कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत के पहले सागर कंप्यूटर के निदेशक संजय कुमार सिंह व शिक्षकों द्वारा अतिथियों का बुके व अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सागर कंप्यूटर के प्रबंध निदेशक ने कहा कि मुंगेर विश्वविद्यालय के सेमेस्टर पांच के लगभग सैकड़ों छात्र-छात्राओं को 60 घंटे का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया. शनिवार को उसका प्रमाण पत्र वितरण किया गया है. उन्होंने कहा कि आगे भी हमारे संस्थान के द्वारा ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा. मौके पर डॉ अरविंद कुमार कॉलेज के प्राचार्य डॉ एस पांडेय के अलावा कई अन्य लोग मौजूद थे.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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