जमुई में पुलिस प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई: चंद्रमंडीह थाना प्रभारी के निलंबन पर अड़े भाकपा माले कार्यकर्ता, SDPO की वार्ता विफल

चंद्रमंडी थाना प्रभारी के निलंबन की मांग पर भाकपा माले का धरना नौवें दिन भी जारी रहा. एसडीपीओ के साथ घंटों चली वार्ता के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला, आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे.

Jamui News: बिहार के जमुई जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर आम जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिले के चंद्रमंडीह थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार को निलंबित करने की मांग को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 9वें दिन में प्रवेश कर गया. भाकपा माले के बैनर तले चिलचिलाती धूप और विपरीत मौसम के बीच डटे धरनार्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक आरोपी थाना प्रभारी पर गाज नहीं गिरती, उनका आंदोलन पीछे हटने वाला नहीं है.

झाझा एसडीपीओ की मैराथन वार्ता रही पूरी तरह बेनतीजा

आंदोलन के 9वें दिन झाझा के एसडीपीओ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को मनाने की कवायद शुरू की. पुलिस अधिकारी और धरनार्थियों के बीच बंद कमरे और खुले मंच पर घंटों मैराथन बातचीत चली. प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलन खत्म कराने और आश्वासन देने की कोशिश की, लेकिन धरनार्थी अपनी एक ही मुख्य मांग पर अड़े रहे कि चंद्रमंडीह थाना प्रभारी का तत्काल निलंबन किया जाए. आखिरकार घंटों चली यह वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई, जिससे पुलिस प्रशासन और आंदोलित जनता के बीच तल्खी और बढ़ गई है.

आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप, सुशासन पर खड़े हुए सवाल

धरने की अध्यक्षता कंचन रजक ने की, जबकि मौके पर भाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चंद्रमंडीह थाना प्रभारी की शिथिलता और संदिग्ध कार्यशैली के कारण पूरे क्षेत्र में आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं. शंभू शरण सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिला प्रशासन धरनार्थियों के धैर्य और सहनशीलता की परीक्षा न ले. चंद्रमंडीह इलाके में शांति, सुरक्षा और कानून का राज कायम करने के लिए शुरू हुई यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक अपराधियों पर नकेल नहीं कसी जाती और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी को निलंबित नहीं किया जाता.

मड़वा में मासूम से छेड़छाड़ का उठा मुद्दा, बेखौफ अपराधियों से डरा इलाका

धरने को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने जिले में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरा रोष जताया. उन्होंने हाल ही में मड़वा गांव में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई शर्मनाक छेड़छाड़ की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि आखिर हर बड़े अपराध के हो जाने के बाद ही पुलिस नींद से क्यों जागती है. उन्होंने कहा कि जब रक्षक ही मूकदर्शक बने रहेंगे तो इलाके की बेटियां और आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे. इसी गिरती व्यवस्था के खिलाफ भाकपा माले पिछले नौ दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर हुई है.

Jamui News: जन-आंदोलन में बदला धरना, ग्रामीणों की बढ़ी भागीदारी और आगे की स्थिति

9 दिनों से जारी इस अनिश्चितकालीन धरने में अब केवल राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं. धरने में बासुदेव राय, मो हैदर, अजीम अंसारी, सलीम अंसारी, किरण गुप्ता, जयराम तुरी, रूपा कुमारी, दामोदर पासवान, चैनल नैया, कुसमी देवी और मुन्ना वर्णवाल सहित कई स्थानीय लोग मुस्तैदी से डटे हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना स्तर पर होने वाली सुनवाई न होने से आम जनता त्रस्त है. वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब इस आंदोलन के और उग्र होने के आसार बन रहे हैं, जिससे जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं.

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By Rahul Kumar Singh

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