सदर अस्पताल जाने वाली सड़क खुद 'बीमार', 200 मीटर का जर्जर रास्ता मरीजों और एंबुलेंस के लिए बना खतरा

Road Damage : जिला मुख्यालय की सदर अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क खुद मरम्मत की मांग कर रही है. केंद्रीय पुस्तकालय के पास 200 मीटर का रास्ता बड़े-बड़े गड्ढों से भरा है, जो मरीजों और राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. इस जर्जर सड़क पर एंबुलेंस की रफ्तार भी धीमी हो जाती है, जिससे आपातकालीन स्थिति में मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

Road Damage : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों खुद मरम्मत की इंतजार में है. महाराजगंज से सदर अस्पताल जाने वाले मार्ग पर केंद्रीय पुस्तकालय के समीप करीब 200 मीटर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. बड़े-बड़े गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण इस रास्ते से गुजरना मरीजों और राहगीरों के लिए जोखिम भरा हो गया है.

मरीजों और गर्भवती महिलाओं की बढ़ रही परेशानी

सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही खराब सड़क उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा देती है. विशेषकर प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को उबड़-खाबड़ सड़क के झटकों से काफी तकलीफ उठानी पड़ती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह छोटा-सा रास्ता उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.

एंबुलेंस की रफ्तार भी हो जाती है धीमी

सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण एंबुलेंस चालकों को भी वाहन बेहद धीमी गति से चलाना पड़ता है. आपातकालीन स्थिति में भी एंबुलेंस की रफ्तार पर ब्रेक लग जाता है. रात के समय जलभराव और अंधेरे की वजह से बाइक, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा और बढ़ जाता है.

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है. उनका कहना है कि अस्पताल तक पहुंचने का यह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद इसकी अनदेखी समझ से परे है.

स्थायी मरम्मत की उठी मांग

स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और मरीजों ने जिला प्रशासन एवं नगर परिषद से सड़क की जल्द स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते इस मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है. उनका मानना है कि जिले के सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल तक जाने वाली सड़क की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.


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