Jamui News: जमुई जिले की ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की सभी 152 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे. इस योजना के जरिए जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को डेयरी उत्पादों का कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 तय की गई है. ऐसे में पात्र महिलाओं के पास योजना का लाभ लेने के लिए अब सीमित समय बचा है.
152 पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा बिक्री केंद्र
जीविका और कॉम्फेड के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जमुई जिले की सभी 152 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और डेयरी व्यवसाय के माध्यम से उनकी आय बढ़ाना है. राज्य स्तर पर कुल 8,053 ग्राम पंचायतों में ऐसे बिक्री केंद्र स्थापित किए जाने हैं, जिनमें जमुई की सभी पंचायतें शामिल हैं.
महिलाओं को मिलेगी 60 हजार रुपये की सहायता
योजना के तहत चयनित महिला लाभार्थी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
इसके अलावा लाभार्थी महिला को 15 हजार रुपये का स्वयं का अंशदान करना होगा. इस राशि का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सुविधा तथा दुकान की पेंटिंग और मरम्मत जैसे जरूरी कार्यों पर किया जाएगा.
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी पात्र महिलाओं को मिलेगा.
आवेदन करने वाली महिला के पास संबंधित पंचायत में स्वयं की या किराये की दुकान का प्रमाण होना अनिवार्य है. पात्र महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं.
20 जुलाई तक करना होगा आवेदन
जीविका के प्रबंधक (पशुधन) कुंदन किशोर ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है.
यदि किसी पंचायत से पांच से सात आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा.
प्रखंड कार्यालय से भी मिलेगी पूरी जानकारी
योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक महिलाएं अपने प्रखंड स्थित जीविका कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं.
जीविका प्रशासन ने सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों और जीविका कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं इसका लाभ उठा सकें.
Jamui News:ग्रामीण महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना
यह योजना सिर्फ एक दुकान खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. डेयरी उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की नियमित आय बढ़ेगी और गांव स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
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