Jamui School Demand : चकाई प्रखंड की कियाजोरी पंचायत के सूरजोंडीह, दलोनोडीह, रमशाडीह, तुर्काडीह और नैयाडीह गांवों में अब तक सरकारी विद्यालय की स्थापना नहीं हो सकी है. ग्रामीणों के अनुसार, इन गांवों की कुल आबादी करीब दो से तीन हजार के बीच है. इसके बावजूद बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए पड़ोसी माधोपुर पंचायत के विद्यालयों में जाना पड़ता है.
बरसात में बढ़ जाती है बच्चों की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में तो बच्चे किसी तरह स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में आवागमन बेहद कठिन हो जाता है. रास्ते में कीचड़ और जलजमाव के कारण छोटे बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. कई अभिभावकों ने बताया कि स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण बच्चों की नियमित उपस्थिति भी प्रभावित होती है.
स्थानीय स्तर पर स्कूल खोलने की उठी मांग
राजद नेता नकुल यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को उनके गांव के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है. उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से कियाजोरी पंचायत के इन गांवों में विद्यालय स्थापना की संभावनाओं पर विचार करने की मांग की. उन्होंने कहा कि गांव में स्कूल खुलने से बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी और अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
सर्वे कर जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय स्थापना को लेकर पहले भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष मांग रखी जा चुकी है. ग्रामीण चाहते हैं कि शिक्षा विभाग इन गांवों का सर्वे कर आवश्यक पहल करे. उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि गांव के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधा मिल सके.
ग्रामीणों ने एकजुट होकर उठाई आवाज
विद्यालय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने समर्थन जताया. इस दौरान राजेंद्र यादव, उमेश यादव, तारणी पुजहर, मेघु पुजहर, शंकर ठाकुर, भीथल कोल, बच्चू यादव, महेश्वर यादव, विजय यादव, राम यादव, अर्जुन यादव, प्रमोद यादव, फाल्गुनी यादव, टिंकू यादव, अमीन यादव, कांग्रेस यादव और महेंद्र यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे.
