मानव शरीर ईश्वर का अनुपम उपहार : विद्यासागर

जो भी व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर की भक्ति करता है उसका कल्याण हो जाता है. इसलिए दुर्लभ मानव शरीर प्राप्त करने के बाद जीवन को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए.

चंद्रमंडीह. जो भी व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर की भक्ति करता है उसका कल्याण हो जाता है. इसलिए दुर्लभ मानव शरीर प्राप्त करने के बाद जीवन को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए. उक्त बातें चकाई प्रखंड अंतर्गत सरौन पंचायत के तिवारीडीह गांव मे एकादशी उद्यापन एवं भागवत कथा के दौरान मानस भास्कर विद्यासागर जी महाराज ने कही. इस दौरान उन्होंने ध्रुव चरित्र एवं हिरण्याक्ष वध की कथा पर विस्तार से प्रकाश डाला. मौके पर यज्ञाचार्य पंडित श्री अशोक पांडेय, वैदिक नंदकिशोर पांडेय, नंदलाल पांडेय, अवधेश पांडेय, नकुल दुबे, मुख्य यजमान कलेक्टर प्रसाद राय एवं कांति देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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