जमुई के बरहट प्रखंड कार्यालय का हाल देख हैरान रह जाएंगे, दोपहर 12 बजे तक लटके रहे ताले, फरियादी लौटे मायूस

Barhat Block Office: बरहट प्रखंड कार्यालय में शनिवार को सरकारी कामकाज की अव्यवस्था देखने को मिली। दोपहर तक कई महत्वपूर्ण शाखाओं में ताले लटके रहे और कर्मचारी नदारद रहे। इस कारण दूर-दराज से आए फरियादी अपनी समस्याओं का समाधान कराए बिना ही निराश लौट गए।

Barhat Block Office: बरहट (जमुई). "साहब नहीं हैं. कर्मचारी भी नहीं आए हैं. थोड़ा इंतजार कीजिए." शनिवार को बरहट प्रखंड कार्यालय पहुंचे लोगों का स्वागत कुछ इसी जवाब से हुआ. लेकिन इंतजार के बाद भी जब संबंधित कर्मचारी नहीं पहुंचे, तो दूर-दराज से आए कई फरियादियों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा. दोपहर 12:15 बजे तक सरकारी कार्यालय की कई शाखाओं में ताले लटके रहे और जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सियां खाली नजर आईं. यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब सरकार सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति और जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर लगातार जोर दे रही है.

दोपहर तक कई शाखाओं में नहीं पहुंचे कर्मचारी

बरहट प्रखंड कार्यालय में शनिवार को अधिकांश शाखाओं में सन्नाटा पसरा रहा. प्रखंड विकास पदाधिकारी एसके पांडेय के स्थानांतरण के बाद कार्यालय की व्यवस्था अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रही है. इसका असर अब कार्यालय के दैनिक कामकाज पर भी साफ दिखाई देने लगा है.

पूरे कार्यालय में केवल लिपिक राजकिशन और स्वच्छता कार्यपालक सहायक मनोरंजन सिंह ही मौजूद मिले. बाकी कई शाखाओं में या तो ताले लटके थे या संबंधित कर्मचारी अपनी सीट से अनुपस्थित थे. इसी दौरान अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे लक्ष्मीपुर के बीडीओ प्रेम प्रकाश कार्यालय पहुंचे, आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं और वापस लौट गए. हालांकि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई विशेष व्यवस्था नजर नहीं आई.

Barhat Block Office: नजारत से लेकर सामाजिक सुरक्षा शाखा तक पसरा रहा सन्नाटा

निरीक्षण के दौरान नजारत कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला. सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सांख्यिकी शाखा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े डाटा ऑपरेटर भी अपनी सीटों से गायब थे. केवल आरटीपीएस, मनरेगा, अंचल कार्यालय और प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में कुछ कर्मचारी कार्य करते दिखाई दिए. पंचायत राज कार्यालय की डाटा ऑपरेटर भी करीब 12:25 बजे कार्यालय पहुंचीं.

कार्यालय की यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है. यदि सरकारी कार्यालयों में निर्धारित समय पर कर्मचारी उपस्थित नहीं होंगे, तो आम लोगों को समय पर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ कैसे मिलेगा.

Barhat Block Office: 13 किलोमीटर का सफर तय कर भी नहीं हुआ काम

कार्यालय की बदहाल व्यवस्था का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ा. पांडो गांव से 13 किलोमीटर की दूरी तय कर वृद्धावस्था पेंशन की शिकायत लेकर पहुंचीं बेबी देवी को घंटों इंतजार के बाद भी संबंधित कर्मचारी नहीं मिले. अंततः उन्हें बिना किसी समाधान के वापस लौटना पड़ा.

इसी तरह नुमर पंचायत की संजू देवी प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचीं, लेकिन वहां भी कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था. ऐसे कई महिला और पुरुष फरियादी अपनी समस्याओं का समाधान कराने पहुंचे थे, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण सभी को निराशा हाथ लगी.

अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा कार्यालय

बरहट प्रखंड में नए बीडीओ की पदस्थापना हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अब तक योगदान नहीं दिया है. स्थानांतरण के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्यालय अतिरिक्त प्रभार के सहारे संचालित हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका सीधा असर विकास योजनाओं और जनसेवाओं पर पड़ रहा है. यदि जल्द नियमित प्रशासनिक व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं.

प्रभारी बीडीओ ने कार्रवाई का दिया भरोसा

प्रभारी बीडीओ प्रेम प्रकाश ने कहा कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की जांच कराई जाएगी. बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा.विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा.

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