सदर अस्पताल के जेनरेटर रूम से मिली प्रतिबंधित कफ सिरप की दर्जनों खाली बोतलें

Banned Cough Syrup: जमुई सदर अस्पताल परिसर में पुराने जेनरेटर रूम से प्रतिबंधित कफ सिरप की सैकड़ों खाली बोतलें और बीयर की खाली बोतलें मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. मामले की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन ने मौके पर पहुंचकर बंद कमरों का ताला तुड़वाया और जांच के आदेश दिए.

जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट

Banned Cough Syrup: सदर अस्पताल परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब पुराने जेनरेटर रूम से प्रतिबंधित कफ सिरप की सैकड़ों खाली बोतलें और बीयर की खाली बोतलें बरामद हुईं. इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. मामले को लेकर जांच शुरू कर दी गई है.

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन

जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह को सूचना मिली थी कि अस्पताल परिसर स्थित पुराने जेनरेटर रूम के समीप बने कमरे में अवैध कब्जा कर नशाखोरी की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. सूचना मिलते ही वे स्वयं अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान दोनों कमरों में ताला बंद मिला.

ताला टूटते ही सामने आया चौंकाने वाला दृश्य

सरकारी परिसर में बंद कमरे देखकर सिविल सर्जन ने तत्काल ताला तोड़ने का निर्देश दिया. दरवाजा खुलते ही कमरे के अंदर प्रतिबंधित कफ सिरप की सैकड़ों खाली बोतलें बिखरी मिलीं. इसके अलावा बड़ी संख्या में बीयर की खाली बोतलें और कैन भी बरामद किए गए. सरकारी अस्पताल परिसर में इस तरह की सामग्री मिलने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

कर्मचारी संघ के बैनर वाले कमरे पर भी सवाल

कार्रवाई के दौरान बगल के एक कमरे पर बिहार चिकित्सा एवं जन-स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का बैनर लगा मिला. इसके बाद उस कमरे के उपयोग और कब्जे को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रशासन पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है.

अतिक्रमण और अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं : सिविल सर्जन

Banned Cough Syrup: सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अस्पताल प्रबंधक को संबंधित कमरों को तत्काल खाली कराने और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

शराबबंदी के बीच उठे कई सवाल

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद सरकारी अस्पताल परिसर से बीयर की खाली बोतलें और नशे में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. आखिर यह सामग्री अस्पताल परिसर तक कैसे पहुंची, किन लोगों द्वारा इसका इस्तेमाल किया जा रहा था और इतने दिनों तक यह गतिविधि अधिकारियों की नजर से कैसे बची रही, अब इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है.

ALSO READ: मंडी में थमी उतार-चढ़ाव की रफ्तार, देखें मक्का, गेहूं और दालों के दाम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pintu Pranav

प्रभात खबर में कंटेंट राइटर, जिन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 5 साल से ज़्यादा का अनुभव है. न्यूज़ राइटिंग, कंटेंट क्रिएशन, कॉपी एडिटिंग, हेडलाइन राइटिंग और फ़ैक्ट-चेकिंग में अनुभवी. कृषि, वन और पर्यावरण, शिक्षा, राजनीति, टेलीकम्युनिकेशन, धर्म और आध्यात्मिक मामले, सामाजिक मुद्दे, NGO और संस्थान, सरकारी कामकाज और समसामयिक मामलों जैसे कई विषयों पर काम किया है. संपादकीय मानकों और न्यूज़रूम की कार्यक्षमता को बनाए रखते हुए सटीक, प्रभावशाली और पाठकों पर केंद्रित पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >