व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थित न्याय सदन में आयोजन
जमुई.राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थित न्याय सदन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया. विभिन्न अदालतों के सुलहनीय मुकदमों के निबटारे के लिए यह आयोजन हुआ. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया.
पक्षकारों को त्वरित और कम खर्च पर मिलता है न्याय
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि यह अदालत सुलहनीय वादों के निष्पादन के लिए सबसे प्रभावशाली माध्यम है. यहां पक्षकारों को त्वरित और कम खर्च पर न्याय दिया जाता है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने खास अदालत के जरिये लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई को समाप्त कर वादियों को राहत देने का काम किया है. इस अदालत में मामलों के निबटान के लिए लचीला रुख अख्तियार किया जाता है. इसके चलते अल्प समय में अल्प व्यय के साथ त्वरित न्याय मिलता है. इससे वे बार-बार कोर्ट जाने और मामले के लिए पूरे दिन आरक्षित करने की परेशानी से बच जाते हैं. राष्ट्रीय लोक अदालत में सुगम , सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध है. वादों के निबटान में पक्षकारों की हार-जीत नहीं होती है. इसका फैसला अंतिम और चुनौती रहित है.
पक्षकारों से राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ लेने की अपील
पुलिस अधीक्षक मदन कुमार आनंद ने कहा कि वाद बेवजह तनाव देता है. राशि के अपव्यय के साथ मानसिक चैन छीन लेता है. समय की बर्बादी होती है. उन्होंने पक्षकारों से राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ लेने की अपील की. सचिव राकेश रंजन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलभ न्याय, कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निबटारा, समय और धन की बचत जैसे लाभ मिलते हैं. यहां बीमा, बिजली, वन, बैंक, श्रम, खनन, दूरभाष, मापतौल, उत्पाद, वैवाहिक वाद , मोटर दुर्घटना, एनआई एक्ट, राजस्व आदि से संबंधित सुलहनीय प्रकरणों की सुनवाई होती है और उदारता के साथ उसका निस्तारण किया जाता है. राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनाये गये फैसले की उतनी ही अहमियत होती है जितनी सामान्य अदालत में सुनाये गये फैसलों की होती है. उन्होंने वादियों से इस अदालत का लाभ उठाने की अपील की.
मौके पर थे मौजूद
मौके पर न्यायिक पदाधिकारी कमला प्रसाद, अतुल सिन्हा, दिलीप कुमार राय, अमन पापनाई, श्री सत्यम, अनुभव रंजन, नेहा त्रिपाठी, नाजिया खान, भाविका सिन्हा, मृणाल आर्यन, अनिमेष रंजन, अहसन राशिद, डीएसपी मुख्यालय मो आफताब अहमद, एलडीएम लक्ष्मी एक्का, कोर्ट कर्मी मुकेश रंजन समेत कई संबंधित अधिकारी, प्रबुद्धजन एवं भारी संख्या में पक्षकार उपस्थित थे.
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