hajipur news. सड़क से मोबाइल उठा रहे महिला की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत, बहन-भांजी घायल
एनएच-22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के इमादपुर चौक के समीप हुआ हादसा
भगवानपुर. हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के इमादपुर चौक के समीप बुधवार की सुबह एक अज्ञात वाहन की ठोकर से एक महिला की मौत हो गयी, जबकि मृतका की बहन समेत दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना पाकर पहुंची डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंच कर घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भगवानपुर भर्ती कराया. सूचना मिलते ही भगवानपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गयी. मृतका की पहचान हरियाणा के लदाना बाबा, कैथल निवासी भल्ले राम की 37 वर्षीय सुनीता रानी के रूप में की गयी. जबकि, घायलों में उसकी बहन काजल रानी भगवानपुर थाना क्षेत्र के ही रघुनाथपुर गांव निवासी सुरेश सहनी की पत्नी है और उसकी 15 वर्षीय पुत्री ज्योति कुमारी बतायी गयी.
चार दिन पहले ही अपनी बहन के घर आयी थी सुनीता
इस संबंध में सुरेश सहनी ने बताया कि सुनीता रानी चार दिन पहले ही हरियाणा से अपनी बहन और मेरी पत्नी काजल रानी के साथ उसके घर आयी थी. मृतका चोरी के आरोप में जेल में बंद अपनी मां से मिलने के लिए हरियाणा से आयी थी. सुबह दोनों बहनें इमादपुर चौक गयी थी. बाजार से घर लौटने के दौरान चतरा पुल के समीप सुनीता रानी के हाथ से मोबाइल सड़क पर गिर गया. मोबाइल उठाने के दौरान हाजीपुर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की ठोकर से सुनीता रानी की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी. जबकि, बचाने के दौरान मृतका की बहन काजल रानी और मेरी पुत्री ज्योति भी गिरकर जख्मी हो गयी. घटना के बाद आसपास के लोग जुट गये, हालांकि जबतक लोग जुटते वाहन चालक गाड़ी लेकर मौके से फरार हो चुका था.आक्रोशित लोगों ने जाम की सड़क
हाजीपुर मुजफ्फरपुर एन एच 22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के इमादपुर चौक के समीप सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद लोगों की भीड़ जुट गयी. आक्रोशित लोगों ने हाजीपुर मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के इमादपुर चौक के समीप सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया. जिसके कारण हाजीपुर मुजफ्फरपुर एनएच 22 के पश्चिमी लेन पर छोटे और बड़े गाड़ियों की लंबी लाइन लग गयी. आकोशित लोगों द्वारा सड़क जाम की सूचना मिलते ही भगवानपुर थानाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार सत्यार्थी दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर आक्रोशित लोगो को समझाने-बुझाने में जुट गयी, मगर आक्रोशित लोग मानने को तैयार नहीं थे. वे लोग घटना स्थल पर किसी बड़े अधिकारी के साथ-साथ मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा की मांग पर अड़े थे. लगभग दो घंटे के काफी मशक्कत एवं उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए. जिसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. जिसके बाद हाजीपुर मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर वाहनों का परिचालन शुरू हो सका.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
