Hajipur Water Hyacinth-Based Handicrafts : वैशाली जिले में जलकुंभी की समस्या को रोजगार के अवसर में बदलने की पहल शुरू की गई है. उद्योग विभाग भगवानपुर प्रखंड में जलकुंभी आधारित हस्तशिल्प एवं मूल्य संवर्धित उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा.
भगवानपुर में स्थापित होगी जलकुंभी आधारित हस्तशिल्प इकाई
उद्योग विभाग की ओर से भगवानपुर प्रखंड में जलकुंभी आधारित हस्तशिल्प एवं मूल्य संवर्धित उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करने की तैयारी की जा रही है. इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है.
अधिकारियों ने किया संभावित स्थलों का निरीक्षण
योजना के तहत उद्योग विभाग के परामर्शी मनोहर कुमार ठाकुर, नॉर्थ ईस्टर्न डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक असीम दास तथा कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत दास ने भगवानपुर के संभावित स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान टीम ने स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं का आकलन करने के साथ प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई एवं सेनिटेशन पार्क का भी अवलोकन किया.
50 युवाओं और महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में लगभग 50 युवाओं और महिलाओं को जलकुंभी से हस्तशिल्प और विभिन्न उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इनमें से 15 चयनित प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीक और डिज़ाइन का उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए सरकारी खर्च पर राज्य के बाहर भेजा जाएगा.
देश-विदेश के बाजारों में है उत्पादों की मांग
जलकुंभी से तैयार बैग, टोकरी, सजावटी सामान, होम डेकोर उत्पाद और अन्य हस्तशिल्प वस्तुओं की देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मांग है. इस परियोजना से वैशाली की हस्तकला को नया बाजार मिलने के साथ स्थानीय कारीगरों, महिलाओं और युवाओं की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
पर्यावरण संरक्षण के साथ बढ़ेगा स्वरोजगार
यह पहल जलाशयों से जलकुंभी हटाने, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. साथ ही "लोकल फॉर वोकल" अभियान को भी मजबूती मिलेगी और जिले में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे.
